
स्मृति मंधाना ने भारतीय टीम के दूसरे मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतकीय पारी खेली (ट्विटर फोटो)
दुबई:
महिला वर्ल्डकप के पिछले दो मैचों में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाली सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना अपने इस शानदार प्रदर्शन को जारी रखना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि मेरी कोशिश इसी प्रदर्शन का जारी रखने और आगे भी टीम को जीत दिलाने की होगी. शुरुआती दो मैचों में मंधाना ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और अब वह इसे बरकरार रखना चाहती हैं. मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में 90 और दूसरे मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 106 रनों की पारी खेली. खास बात यह है कि स्मृति ने घुटने की चोट से उबरने के बाद यह यादगार पारियां खेली हैं.
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) द्वारा जारी किए गए बयान में मुंबई की इस बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति ने कहा, "टूर्नामेंट अभी तक खत्म नहीं हुआ है, लेकिन मैंने चोट के बाद जिस तरह से वापसी की है उससे मैं बेहद खुश हूं." 20 वर्षीय मंधाना के बाएं घुटने में चोट थी जिसके कारण चयनकर्ताओं को भी टीम चुनने में खासी परेशानी हुई थी. अभ्यास मैच में भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं लग रहीं थी, लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट शुरू होते ही शानदार प्रदर्शन किया और सभी की तारीफें लूटीं. स्मृति ने कहा, "इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में अपनी लय में नहीं थी. मैं काफी घबराई हुई थी. इसके बाद मैंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे अभ्यास मैच में 82 रनों की पारी खेली. इससे मुझे बल्लेबाजी में वह आत्मविश्वास मिला जो मैं खो चुकी थी. मुझे लगा कि मैं बल्लेबाजी कर सकती हूं."
उनके मुताबिक, "चोट से वापसी करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मैं खुश हूं कि मैंने दो मैचों में शानदार प्रदर्शन किया. उम्मीद है कि मैं इस प्रदर्शन को जारी रखूंगी."स्मृति ने कहा कि वह अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को संतुष्ट करना चाहती थीं. बकौल मंधाना, "मैं अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध थी और चयनकर्ताओं को बताना चाहती थी कि उन्होंने मुझे चुन कर सही फैसला लिया है." (आईएएनएस से इनपुट)
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) द्वारा जारी किए गए बयान में मुंबई की इस बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति ने कहा, "टूर्नामेंट अभी तक खत्म नहीं हुआ है, लेकिन मैंने चोट के बाद जिस तरह से वापसी की है उससे मैं बेहद खुश हूं." 20 वर्षीय मंधाना के बाएं घुटने में चोट थी जिसके कारण चयनकर्ताओं को भी टीम चुनने में खासी परेशानी हुई थी. अभ्यास मैच में भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं लग रहीं थी, लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट शुरू होते ही शानदार प्रदर्शन किया और सभी की तारीफें लूटीं. स्मृति ने कहा, "इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में अपनी लय में नहीं थी. मैं काफी घबराई हुई थी. इसके बाद मैंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे अभ्यास मैच में 82 रनों की पारी खेली. इससे मुझे बल्लेबाजी में वह आत्मविश्वास मिला जो मैं खो चुकी थी. मुझे लगा कि मैं बल्लेबाजी कर सकती हूं."
उनके मुताबिक, "चोट से वापसी करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मैं खुश हूं कि मैंने दो मैचों में शानदार प्रदर्शन किया. उम्मीद है कि मैं इस प्रदर्शन को जारी रखूंगी."स्मृति ने कहा कि वह अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को संतुष्ट करना चाहती थीं. बकौल मंधाना, "मैं अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध थी और चयनकर्ताओं को बताना चाहती थी कि उन्होंने मुझे चुन कर सही फैसला लिया है." (आईएएनएस से इनपुट)
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