- इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 99 के तहत पत्नी के नाम निवेश पर होने वाली कमाई पति की आय में शामिल होती है
- पत्नी को गिफ्ट किए गए पैसे से एफडी पर मिलने वाला ब्याज पति की कुल आय में जोड़कर टैक्स देना होगा
- शेयर या म्यूचुअल फंड से होने वाला डिविडेंड और प्रॉफिट भी पति की आय में जोड़ा जाएगा और उसी पर टैक्स लगेगा
ITR भरने का समय चल रहा है. अब को आखिरी महीना यानी जुलाई भी आने वाला है. इनकम टैक्स के नियमों को लेकर अमूमन टैक्स पेयर्स के बीच में कंफ्यूजन दिखाई देता है. जानकारी के अभाव में कभी-कभी वो ऐसे फैसले ले लेते हैं, जो भविष्य में जाकर उन पर ही भारी पड़ते हैं. ऐसा ही एक नियम क्लबिंग ऑफ इनकम को लेकर है. दरअसर टैक्स पेयर्स सोचते हैं कि अगर अपनी कमाई का कुछ हिस्सा पत्नी के नाम से कही निवेश कर दिया जाए, तो ऐसे में वो टैक्स की देनदारी से बच सकते हैं. निवेश के लिए वो एफडी, शेयर या सोने का माध्यम चुनते हैं. पर ऐसा कतई नहीं है. टैक्स एक्सपर्ट से हमने इस पूरे मसले पर बात की. उनका कहना है कि इस तरह से किए निवेश पर होने वाले प्रॉफिट को टैक्सपेयर का ही एक हिस्सा माना जाता है.
फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज
सीए राजा मंगला ने बताया कि मान लीजिए आपने अपनी पत्नी को 10 लाख रुपये गिफ्ट किए. इस पूरे पैसे की बैंक में एफडी करा दी. अब इस एफडी पर जो भी ब्याज मिलेगा, वो पत्नी की कमाई नहीं मानी जाएगी. इस ब्याज वाली कमाई को पति की टोटल इनकम में माना जाएगा और स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स देना होगा. हां, यहां एक बात साफ कर देने वाली है कि अगर ब्याज के पैसे को फिर से कहीं निवेश में लगा दिया जाता है तो, उस पर होने वाली कमाई पत्नी की ही मानी जाएगी.
शेयर और डिविडेंड का मामला
मान लीजिए पत्नी को दिए 10 लाख रुपये से पति ने शेयर या म्यूचुअल फंड खरीद लिए, तो उनसे मिलने वाला डिविडेंड या होने वाला प्रॉफिट भी पति के अकाउंट में ही जुड़ेगा. फायदे के साथ अगर कोई नुकसान भी होता है तो उसे पति की इनकम में ही एडजस्ट किया जाएगा.
गोल्ड में निवेश
सोने के मामले में भी यही पूरा नियम लगता है. पति ने पत्नी को दिए उन 10 लाख रुपये से सोना खरीद लिया और बेचकर एक मोटा प्रॉफिट कमाया तो इस कमाई पर पति ही टैक्स देगा.
लोन और गिफ्टी की परिभाषा अलग
सीए राजा मंगला ने बताया कि टैक्स डिपार्टमेंट ये देखता है कि पैसा किस रूप में दिया है. अगर ये एक डॉक्यूमेंटेड लोन है तो नियम अलग होंगे. लेकिन ये सिर्फ एक गिफ्ट के तौर पर दिया है तो क्लबिंग का नियम लागू होगा. सिर्फ पत्नी ही नहीं, बल्कि घर के किसी भी मेंबर्स को गिफ्ट में कोई एसेट ट्रांसफर करता है तो उस पर होने वाली इनकम ट्रांसफर करने वाले शख्स की कमाई में जोड़ी जाएगी.
आईटीआर में छिपाने पर क्या होगा?
टैक्स एक्सपर्ट सीए राजा मंगला के अनुसार इस तरह की इनकम को आईटीआर भरते समय छिपाना नहीं चाहिए. दूसरे सोर्स से हुई इनकम या फिर कैपिटल गेन्स में इसका उल्लेख जरूरी है. अगर इसे छिपाया गया तो ये टैक्स चोरी का मामला बन जाएगा. वैसे भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सिस्टम इतना एडवांस है कि वो इन पैसों के सोर्स को तुरंत पकड़ लेगा. भारी जुर्माना और टैक्स डिमांड का नोटिस आना फिर पक्का ही समझो.
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