नोएडा न केवल उत्तर प्रदेश का सबसे अनमोल जेवर है, बल्कि ये पूरे उत्तर भारत में कनेक्टिविटी के साथ मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा हब बनेगा. हाईस्पीड कनेक्टिविटी के लिए नोएडा से लखनऊ के रास्ते वाराणसी तक बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी है.अभी नोएडा का अपना कोई बड़ा रेलवे स्टेशन नहीं है. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, पटना या देश के दूसरे बड़े शहरों की ट्रेन पकड़ने के लिए उन्हें दिल्ली या गाजियाबाद जाना पड़ता है, लेकिन ये समस्या दूर होने वाली है. नोएडा का न केवल अपना रेलवे स्टेशन होगा, बल्कि नमो भारत ट्रेन यानी रैपिड रेल और बुलेट ट्रेन भी यहां से गुजरेगी.
जेवर एयरपोर्ट के साथ रैपिड रेल और बुलेट ट्रेन
शनिवार को नोएडा में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी पहुंचे. वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना से नोएडा की ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी कैसे गेमचेंजर साबित होगी. दिल्ली से 2 घंटे में लखनऊ, वहीं नोएडा के जेवर एयरपोर्ट में बनने वाले बुलेट ट्रेन स्टेशन से ये दूरी 1 घंटे 40 मिनट में तय होगी. रेल मंत्री ने कहा कि जेवर इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब भी बनेगा. यहां बड़ा सोलर पार्क भी स्थापित किया जाएगा.
बुलेट ट्रेन का रूट मैप
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में जो सात प्राथमिकता वाले हाईस्पीड कॉरिडोर बन रहे हैं, उसमें दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन का रूट नोएडा से गुजरेगा. ये ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी, पटना होते हुए बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगी. दिल्ली से लखनऊ की दूरी महज 2 घंटे 10 मिनट और जेवर से लखनऊ का सफर सिर्फ 1 घंटे 40 मिनट में तय हो सकेगा. ये पीएम मोदी के दिल्ली एनसीआर समेत देश के दूसरे बड़े शहरों हाईस्पीड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के सपने को पूरा करेगा.
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन का रूट
दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (DVHSR) दिल्ली के सराय काले खां से वाराणसी तक जाएगा. 865 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 12 से 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं. बुलेट ट्रेन दिल्ली के बाद नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही होते हुए वाराणसी पहुंचेगी. लखनऊ से अयोध्या के लिए लिंक लाइन भी जोड़ने का भी प्लान है. इससे दिल्ली, जेवर से सीधे अयोध्या की कनेक्टिविटी होगी.
बुलेट ट्रेन से समय की बचत
- बुलेट ट्रेन की अधिकतम स्पीड - 350 किमी प्रति घंटा
- ऑपरेशनल स्पीड - 320 किमी प्रति घंटा
- दिल्ली से जेवर: 21 मिनट में
- जेवर से लखनऊ: 1 घंटा 40 मिनट
- दिल्ली से लखनऊ:2 घंटे 10 मिनट
- दिल्ली से वाराणसी: 3.5 से 4 घंटे
बुलेट ट्रेन का खर्च
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को तैयार करने में लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है. नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRCL) मथुरा, आगरा आदि क्षेत्रों में स्टेशन जोन और जमीन के सर्वे का काम चल रहा है. देश का पहला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर मुंबई से अहमदाबाद के बीच 2028 तक पूरा होगा. दिल्ली-वाराणसी रूट 2031 तक पूरा होने की उम्मीद है.

जेवर में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब
जेवर में बनने वाला बुलेट ट्रेन स्टेशन उत्तर भारत का सबसे बड़ा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुपरहब (Multimodal Transport Hub) बनेगा. यह स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar) के परिसर में ही बनाया जाएगा. इससे यात्री हवाई सफर और हाई स्पीड रेल दोनों का फायदा एक साथ उठा सकेंगे.
जेवर स्टेशन की खासियत
जेवर का बुलेट ट्रेन स्टेशन सामान्य रेलवे स्टेशन जैसा नहीं होगा. इसे ऐसा डिजाइन किया जाएगा कि एक्सप्रेसवे के करीब जगह का इस्तेमाल करके कॉरिडोर निकाला जाए ताकि जमीन अधिग्रहण का खर्च कम हो. यहां एयरपोर्ट, बुलेट ट्रेन, नमो भारत रैपिड रेल, मेट्रो, लोकल बस टर्मिनल और पॉड टैक्सी सब इंटरकनेक्ट होंगे.स्टेशन के पास ही स्मार्ट वेयरहाउस और ड्राई पोर्ट्स भी विकसित होगा. इस प्रोजेक्ट के लिए एरियल ग्राउंड सर्वे का काम हो चुका है. अब रूट अलाइनमेंट हो रहा है.
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जेवर देश का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का जेवर सौर ऊर्जा उत्पादन से जुड़े उपकरणों के निर्माण का हब बनेगा. मुख्यमंत्री ने गौतम बुद्ध नगर में यहां 8200 करोड़ रुपये के SAEL इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की नींव रखी.यूपी इससे 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य पूरा करेगा. ये पूरे देश में पीएम सूर्यघर योजना से 6 लाख परिवारों का बिजली बिल 60 प्रतिशत तक घटा है. इस सोलर प्रोजेक्ट से 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा. कंपनी 2030 तक 20 हजार करोड़ रुपये तक निवेश करेगी.

यूपी में 6 लाख परिवार रिन्यूएबल एनर्जी को अपना चुके हैं और 2 हजार मेगावॉट से ज्यादा बिजली सोलर पैनलों से पैदा हो रही है. इस प्लांट से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण का लक्ष्य है. सोलर के जिन उपकरणों के लिए चीन का मुंह ताकना पड़ता था, वो जेवर में बनेगी.
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देश का 55 फीसदी एथेनॉल उत्पादन यूपी में
सीएम योगी ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण की पॉलिसी के बाद यूपी सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले प्रदेश बना है. किसानों को 9 साल में 3.22 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है. गन्ने से चीनी और एथेनॉल बन रहा है. भारत का 55 फीसदी एथेनॉल उत्पादन अकेले यूपी कर रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य एक साल में 100 सीबीजी प्लांट लगाना है.
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