ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक आने के साथ ही लाखों टैक्सपेयर्स अपने रिटर्न भरने की तैयारी में जुट गए हैं. हालांकि जो लोग पहली बार ITR फाइल करने जा रहे हैं, उनके लिए यह प्रोसेस थोड़ा मुश्किल हो सकता है. लेकिन घबराने की बात नहीं है. आप कुछ जरूरी स्टेप्स को समझकर और सही डॉक्यूमेंट्स तैयार रखकर आसानी से ITR फाइल कर सकते हैं.
जरूरी डॉक्यूमेंट्स पहले से रखें तैयार
ITR फाइल करने से पहले सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने पास रखना जरूरी है. इसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, फॉर्म 16, फॉर्म 26एएस, एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस), बैंक अकाउंट डिटेल्स और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं. अगर आपने म्यूचुअल फंड, शेयर मार्केट या फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश किया है तो उससे जुड़ी जानकारी भी तैयार रखें. इन दस्तावेजों की मदद से आपकी इनकम, टैक्स कटौती और अन्य वित्तीय जानकारियों का सही मिलान हो सकेगा.
सही आईटीआर फॉर्म चुनें
ITR फाइल करने की प्रक्रिया में सही फॉर्म चुनना सबसे जरूरी माना जाता है. नौकरीपेशा लोगों के लिए आमतौर पर आईटीआर-1 फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं बिजनेस इनकम, कैपिटल गेन्स या दूसरी तरह की इनकम वाले लोगों को अलग फॉर्म भरना पड़ सकता है. गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न प्रोसेस होने में परेशानी आ सकती है. इसलिए अपनी इनकम सोर्स के अनुसार सही फॉर्म का चुनना जरूरी है.
ई-फाइलिंग पोर्टल पर भरें जरूरी जानकारी
सही फॉर्म चुनने के बाद इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें. असेसमेंट ईयर का चयन करें और संबंधित ITR फॉर्म को खोलें. पोर्टल पर कई जानकारियां पहले से भरी हुई मिल सकती हैं, लेकिन उन्हें ध्यान से जांचना जरूरी है. इसके बाद अपनी इनकम, टैक्स भुगतान, डिडक्शंस और अन्य जरूरी जानकारियां भरें. सभी जानकारी दर्ज करने के बाद उसे एक बार फिर से वेरिफाई करें ताकि किसी तरह की गलती न रह जाए.
पहली बार आईटीआर भर रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
- पैन और आधार की जानकारी सही होनी चाहिए
- फॉर्म 16, एआईएस और फॉर्म 26एएस का मिलान जरूर करें
- अपनी आय के अनुसार सही ITR फॉर्म चुनें
- सभी इनकम सोर्स की जानकारी सही तरीके से भरें
- टैक्स बचत से जुड़े डिडक्शंस का दावा करना न भूलें
- फाइनल सबमिशन से पहले पूरी जानकारी दोबारा चेक कर लें
- आईटीआर जमा करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें
- रिटर्न की कॉपी डाउनलोड करके सुरक्षित रखें
ई-वेरिफिकेशन करना है जरूरी
ITR जमा करने के बाद ई-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है. यह आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग, बैंक अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर के जरिए किया जा सकता है. ई-वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को प्रोसेस करता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहली बार ITR फाइल करने वाले लोगों को जल्दबाजी से बचना चाहिए. सभी डॉक्यूमेंट्स और जानकारियों की जांच करने के बाद ही रिटर्न जमा करना बेहतर होता है. सही तरीके से ITR फाइल करने से भविष्य में लोन, क्रेडिट कार्ड, वीजा एप्लिकेशन और अन्य वित्तीय जरूरतों में भी मदद मिल सकती है.
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