Stock Market Updates April 10: दुनियाभर की नजरें इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता पर टिकी थीं, लेकिन 21 घंटे की बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है. इस पीस टॉक के फेल होने का असर अब सीधे आपकी जेब और निवेश पर पड़ने वाला है. एक तरफ जहां कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से आग लग गई है, वहीं निवेशकों के मन में यह डर बैठ गया है कि आज यानी सोमवार, 13 अप्रैल को जब बाजार खुलेगा तो शेयर मार्केट, रुपया और सोना-चांदी पर इसका क्या असर होगा..आइए जानते हैं इस ग्लोबल तनाव के बीच शेयर बाजार से लेकर भारतीय रुपये और सोना-चांदी को लेकर क्या उम्मीद है.
कच्चे तेल की कीमतों में उबाल, ट्रंप की नाकाबंदी ने बढ़ाई टेंशन
शांति वार्ता फेल होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तूफानी तेजी देखी जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी (Blockade) का आदेश दे दिया है, जिससे सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है. सोमवार को ट्रेडिंग शुरू होते ही अमेरिकी बेंचमार्क WTI करीब 8% उछलकर 104.50 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 7% बढ़कर 102 डॉलर के पार निकल गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, वहां तनाव बढ़ने से आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं.
शेयर बाजार में क्या होगी बड़ी गिरावट?
बीता हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए शानदार रहा था, जहां सेंसेक्स और निफ्टी करीब 6% की बढ़त के साथ बंद हुए थे. निफ्टी 24,050 और सेंसेक्स 77,550 के स्तर पर पहुंच गया था. लेकिन अब पीस टॉक फेल होने से माहौल बदल गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोमवार को बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुल सकता है. एशियाई बाजारों में पहले ही गिरावट शुरू हो गई है, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% तक टूट गया है. गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) के संकेतों को देखें तो भारतीय बाजार में भी सोमवार को बिकवाली का भारी दबाव दिख सकता है.
डॉलर के मुकाबले कमजोर होगा रुपया?
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेजी का सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय रुपये को उठाना पड़ सकता है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से देश का इम्पोर्ट बिल बढ़ेगा और डॉलर की डिमांड बढ़ जाएगी. पिछले शुक्रवार को भी रुपया 32 पैसे टूटकर 92.83 के स्तर पर बंद हुआ था. अगर ग्लोबल टेंशन और बढ़ती है, तो रुपये पर दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है.
सोना और चांदी पर क्या होगा असर?
जब भी दुनिया में युद्ध या तनाव का माहौल बनता है, निवेशक अपना पैसा शेयर बाजार से निकालकर सोने में लगाने लगते हैं. पिछले हफ्ते ही चांदी ₹10,779 (5%) और सोना ₹2,972 (2%) चढ़ा था. अब शांति वार्ता फेल होने के बाद सोने-चांदी की कीमतों में और तेजी आने का अनुमान है. सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और कमजोर होता रुपया सोने को नए रिकॉर्ड स्तर पर ले जा सकता है. सोमवार को बाजार खुलते ही गोल्ड-सिल्वर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
महंगाई के आंकड़े और कंपनियों के नतीजों पर भी रहेगी नजर
वहीं, अगर इस पूरे हफ्ते की बात करें तो इस हफ्ते सिर्फ ग्लोबल तनाव ही नहीं, बल्कि घरेलू आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करेंगे. 13 अप्रैल को खुदरा महंगाई (CPI) और 14 अप्रैल को थोक महंगाई (WPI) के आंकड़े जारी होंगे. साथ ही विप्रो, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे भी आने वाले हैं. विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) फिलहाल बिकवाली कर रहे हैं, जिन्होंने शुक्रवार को ही ₹672 करोड़ के शेयर बेचे थे. ऐसे में निवेशकों के लिए ये पूरा हफ्ता काफी अहम रहने वाला है.
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