भारतीय मार्केट के लिए आज का दिन कमाल का रहा है. सेंसेक्स करीब 1700 अंक तो निफ्टी 450 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुए. अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद तेजी की उम्मीद थी पर इतनी तूफानी तेजी की उम्मीद शायद ही किसी निवेशक को रही होगी. बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली. नतीजन सेंसेक्स के साथ निफ्टी रिकॉर्ड स्पीड से भागे. शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स ने 1,000 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाई, वहीं निफ्टी भी 23,400 के बड़े लेवल को क्रॉस कर गया.
एनएसई पर करीब 2,264 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि सिर्फ 172 शेयर लाल निशान में रहे. बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे अहम रूप से जियो पॉलिटिकल के मोर्चे पर आई पॉजिटिव न्यूज और इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों का कम होना है. चलिए इस खबर में जानते हैं उन 4 फैक्टर्स के बारे में, जिन्होंने बाजार में खरीदारी का माहौल वापस ला दिया. साथ ही अब आगे सोमवार को मार्केट की चाल कैसी रह सकती है.
1. यूएस-ईरान के बीच शांति समझौते का माहौल
बाजार में आज की सबसे बड़ी तेजी की वजह जियो पॉलिटिकल टेंशन का कम होना ही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यूएस और ईरान इस हफ्ते के आखिर तक शांति समझौता कर सकते हैं. इस संभावित समझौते की खबर ने वैश्विक निवेशकों को बड़ी राहत दी. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के दुबारा खुलने का रास्ता साफ हो सकता है, जिससे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से दुनिया में उठा-पटक का दौर खत्म हो सकता है.
2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों का सीधा असर कच्चे तेल के मार्केट पर दिखाई दिया. ग्लोबल सप्लाई का 20% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है. ऐसे में इसके दुबारा खुलने की संभावना से कच्चे तेल की कीमतें क्रैश हो गईं. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड गिरकर 89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं WTI क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया. भारत की बात करें तो देश अपनी जरूरत का 80 से 85% कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है. ऐसे में तेल की कीमतों का 90 डॉलर से नीचे आना देश में महंगाई पर रोक और भारतीय तेल कंपनियों के मार्जिन सुधार के लिए जरूरी है.
3. दुनियाभर के मार्केट में तेजी
आज केवल भारतीय शेयर मार्केट ही नहीं बल्कि ग्लोबल मार्केट भी खूब चढ़े. कच्चे तेल में गिरावट और मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों की वजह से निवेशकों ने दुनियाभर में जमकर खरीदारी की. एशिआई मार्केट की बात करें तो साउथ कोरिया का कॉस्पी इंडेक्स 8%, जापान का निक्केई इंडेक्स 3%, हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट 2% मजबूत रहे. साथ ही अमेरिकी मार्केट में नैस्डैक 3% और एसएंडपी 500 करीब 2% बढ़कर बंद हुए.
4. घरेलू निवेशकों ने की जमकर खरीदारी
कच्चे तेल की कीमतों को कम देखते हुए घरेलू निवेशकों ने बैंकिंग, ऑटो और एनर्जी सेक्टर में जमकर लिवाली की. बैंकिंग सेक्टर ने आज उम्मीद से ज्यादा कमाल का प्रदर्शन किया. निफ्टी बैंक लगभग 700 अंक ऊपर रहा, जिससे बाजार को नीचे जाने का कोई मौका ही नहीं मिला.
अब आगे कैसी रहेगी मार्केट की राह?
पीएचडी कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ प्रदीप हल्दर के अनुसार, " शुक्रवार को आई इस तेजी ने निवेशकों के डर को काफी हद तक कम किया है. हालांकि अभी भी उन्हें अलर्ट मोड पर रहना चाहिए, क्योंकि बाजार की चाल अमेरिका-ईरान के बीच पीस डील पर ही निर्भर रहेगी. अगर सभी कुछ ठीक रहता है और डील साइन हो जाती है तो फिर आने वाले वीक में मार्केट नए रिकॉर्ड लेवल्स को टच कर सकता है."
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