Middle East War Impact on Share Market: जब से ईरान-इजरायल के बीच जंग शुरू हुई है तभी से दुनिया भर के बाजारों को झटके पर झटके लग रहे हैं. भारतीय शेयर मार्केट इस टेंशन भरे माहौल से अछूता नहीं रहा है. बीते हफ्ते में बाजार से करीब 34 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. इसी बीच देश की दिग्गज कंपनियों के मार्केट कैप में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. जंग और अंदरुनी तनाव के चलते बाजार की टॉप 10 में शामिल 5 कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है, जिससे निवेशकों की करीब 1,02,771.87 करोड़ रुपये की कैपिटल साफ हो गई.
इस बड़ी गिरावट का दंश बैंकिंग सेक्टर ने झेला है. जहां एक ओर देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक को जबरदस्त बिकवाली का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने निवेशकों की झोली भरने का काम किया.
एचडीएफसी को लगी सबसे बड़ी चोट
बाजार की इस उठापटक का तो असर बैंक पर पड़ ही रहा था, इसी बीच बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती का अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद पिछले हफ्ते बैंक का मार्केट कैप 56,124.48 करोड़ रुपये कम हो गया. बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज कंपनी में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, क्योंकि ये सीधे तौर पर निफ्टी और सेंसेक्स के वेटेज पर असर डालता है.

Iran-Israel War Impact on Share Market
वहीं इसके ठीक उलट भारतीय स्टेट बैंक के लिए पिछला हफ्ता बढ़िया रहा. एसबीआई के मार्केट कैप में 10,707.52 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. एक ही सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों के बीच इतने बड़े अंतर से पता चलता है कि निवेशक फिलहाल प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले पब्लिक सेक्टर के बैंक पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं.
इन 5 बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप में आई बड़ी गिरावट
एचडीएफसी बैंक: 56,124.48 करोड़ रुपये की गिरावट.
हिंदुस्तान यूनिलीवर: 18,009.62 करोड़ रुपये की चपत.
बजाज फाइनेंस: 15,338.42 करोड़ रुपये का नुकसान.
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज- 7,127.63 करोड़ रुपये की कमी.
आईसीआईसीआई बैंक- 6,171.72 करोड़ रुपये का घाटा.
बीते हफ्ते के क्या हैं आंकड़े?
पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार हरे निशान के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स 325.72 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 112.35 अंक की बढ़ोतरी देखी गई. लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट को भी निवेशकों ने देखा. ऐसे में कहा जा सकता है कि बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप में आए 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के अंतर ने बता दिया है कि जंग का असर भारतीय मार्केट पर लगातार हो रहा है.
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