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22 दिन, 34 लाख करोड़ स्वाहा, क्या ट्रंप और नेतन्‍याहू के संकेत से सोमवार को झूम उठेगा बाजार?

BSE market cap loss: इजरायल-ईरान युद्ध के 22 दिनों में भारतीय शेयर बाजार से करबी 34 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए है. अब डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध खत्म करने के संकेतों से सोमवार को बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है.

22 दिन, 34 लाख करोड़ स्वाहा, क्या ट्रंप और नेतन्‍याहू के संकेत से सोमवार को झूम उठेगा बाजार?

BSE market cap loss: पिछले 22 दिनों से चल रहे इजरायल-ईरान जंग ने ना केवल मिडिल ईस्ट में हलचल पैदा की हुई है, बल्कि भारतीय शेयर मार्केट पर भी इसका तगड़ा असर देखने को मिला है. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार जंग की शुरूआत से लेकर 20 मार्च तक मार्केट से करीब 34 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो चुके हैं. 

27 फरवरी 2026 को भारतीय बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 46,325,200.41 करोड़ रुपये था. युद्ध के समय बीते 15 कारोबारी दिनों में ये गिरकर 20 मार्च तक 42,876,298.38 करोड़ रुपये पर आ गया. यानी निवेशकों के 34 लाख करोड़ रुपये डूब गए. हर दिन के हिसाब से देखें तो ये आंकड़ा 2.29 लाख करोड़ रुपये प्रति ट्रेडिंग दिन के हिसाब से बैठता है. सबसे ज्यादा मार्केट कैप में गिरावट 19 मार्च 2026 को आई. उस दिन करीब 42.57 लाख करोड़ बाजार से साफ हो गए.

बयान के बाद क्या बदलेगी हवा?

जब बाजार चौतरफा गिरावट से घिरा था, तब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि  "हम अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब हैं और मिडिल ईस्ट में ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ चल रहे अपने बड़े सैन्य अभियान को खत्म करने पर विचार कर रहे हैं." इस बयान के बाद एक्सपर्ट का मानना है कि अगर अमेरिका पीछे हटता है, तो ईरान के साथ तनाव कम होगा और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के नीचे आ सकती हैं.

israel iran war impact on indian share market

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सोमवार को बाजार के लिए 3 बड़े ट्रिगर

  • ट्रंप के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड में 3 से 5% की गिरावट देखी जा सकती है. भारत के लिए ये सबसे बड़ी राहत होगी क्योंकि हमारा चालू खाता घाटा सीधे तेल से जुड़ा है.
  • पिछले कई दिनों से बाजार ओवरसोल्ड जोन में है. यानी खरीदारी से ज्यादा बिकवाली का माहौल बना हुआ है. ऐसे में शांति के संकेतों से ट्रेडर्स अपनी शॉर्ट पोजीशन काटेंगे, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में 1.5% से 2% तक का गैप-अप ओपनिंग देखने को मिल सकती है.
  • तनाव कम होने से विदेशी निवेशक फिर से भारतीय मार्केट की तरफ रुख कर सकते हैं, जिससे स्टेबिलिटी के साइन देखने को मिल सकते हैं. 

क्या अब खरीदारी का समय है?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि 22 दिनों की इस गिरावट ने कई मजबूत शेयरों को कम वैल्यूएशन पर ला खड़ा किया है. अगर सोमवार को बाजार ट्रंप के बयान को पॉजिटिव रूप से लेता है, तो हमें एक रिलीफ रैली देखने को मिल सकती है. यानी शेयरों की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. 

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शुभम उपाध्याय
shubham.upadhyay@ndtv.com
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