राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव बिहार से राज्यसभा के लिए विपक्षी खेमे से संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं. राज्यसभा के लिए बिहार में पांच सीटों के लिए चुनाव होने हैं. बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) को चार सीटें आराम से मिल सकती है. वहीं महागठबंधन को यदि पूरे विपक्ष ने समर्थन दिया तो उनका एक उम्मीदवार जीत सकता है. यानी पांचवीं सीट पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को इस पाचवीं राजसभा सीट से संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार के तौर पर उतारा जा सकता है.
बिहार में एक राज्यसभा सीट के लिए 41 विधायक चाहिए और पूरे विपक्ष को जोड़ने पर आंकडा 41 का ही आता है. बिहार विधानसभा में महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं. जिसमें आरजेडी के 25, कांग्रेस के 6, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के 2 जबकि सीपीआई और आईआईपी के एक-एक विधायक हैं. अगर महागठबंधन को एआईएमआईएम के 5 और बसपा के एक विधायक का समर्थन मिलता है, तो एक उम्मीदवार को जीत सकता है.
एनडीए चाहे तो पांचवा उम्मीदवार भी उतार सकती है. क्योंकि उसके पास 38 वोट बचे रहें जाएंगे. बीजेपी के दो और जदयू के दो उम्मीदवार का जीतना तय है. एनडीए के राज्यसभा की पांचवीं सीट जीतने के लिए तीन और वोटों की जरूरत है. जिसके लिए उसे विपक्षी दलों के विधायकों से क्रॉस वोटिंग करवानी पड़ेगी. बता दें कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते अभी तक बिहार में राज्यसभा चुनाव में कभी क्रॉस वोटिंग देखने को नहीं मिली है.
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से बहन लड़ सकती है चुनाव
तेजस्वी यादव अभी वैशाली जिले के राघोपुर से विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वहीं उनकी बहन राजश्री उनकी जगह राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकती हैं.
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