विज्ञापन

चलती ट्रेन में फर्जी पुलिस बनकर वसूली करता था बदमाश, पैसे नहीं मिले तो युवक को ट्रेन से फेंका; हत्या का खुलासा

बक्सर रेल पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ट्रेनों में वसूली करने वाले रोहित तिवारी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने वैशाली के मजदूर युवक नितिन कुमार को चलती ट्रेन से धक्का देकर मार डाला था और परिजनों से फिरौती भी मांगी थी.

चलती ट्रेन में फर्जी पुलिस बनकर वसूली करता था बदमाश, पैसे नहीं मिले तो युवक को ट्रेन से फेंका; हत्या का खुलासा
फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाला गिरफ्तार, युवक को ट्रेन से फेंककर की थी हत्या
GRP Patna
  • चलती ट्रेन में मौत का खेल, फर्जी पुलिस बनकर यात्रियों को बनाता था निशाना
  • 10 हजार की फिरौती नहीं मिली तो चलती ट्रेन से धक्का दे दिया
  • खुद को RPF और STF बताकर यात्रियों से करता था वसूली
पटना:

बिहार के बक्सर में रेल पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो चलती ट्रेनों में खुद को पुलिस, आरपीएफ या एसटीएफ का जवान बताकर यात्रियों से अवैध वसूली करता था. आरोपी रोहित तिवारी पर आरोप है कि उसने वैशाली निवासी 21 वर्षीय मजदूर नितिन कुमार को सिगरेट पीने के बहाने पकड़ लिया, परिजनों से फिरौती मांगी और पैसे नहीं मिलने पर उसे चलती ट्रेन से धक्का देकर मार डाला. तकनीकी जांच और छापेमारी के बाद जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. उसकी निशानदेही पर रेलवे ट्रैक से शव भी बरामद किया गया.

हैदराबाद से घर लौट रहा था युवक

मृतक की पहचान वैशाली जिले के महिसौर थाना क्षेत्र के चांद सराय निवासी मुकेश राय के 21 वर्षीय पुत्र नितिन कुमार के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार नितिन हैदराबाद में मजदूरी करता था. वह 19 सितंबर 2026 को ट्रेन संख्या 07091 हैदराबाद-दानापुर स्पेशल से अपने घर लौट रहा था. उसे दानापुर पहुंचना था, लेकिन सफर के दौरान वह अपराधियों के चंगुल में फंस गया.

सिगरेट पीने के बहाने बनाया निशाना

NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 सितंबर की रात करीब 10 बजे नितिन के मोबाइल फोन से उसके परिजनों को कॉल आया. कॉल के दौरान नितिन ने बताया कि वह ट्रेन में सिगरेट पी रहा था. इसी दौरान कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उसे पकड़ लिया और ट्रेन से नीचे उतार दिया. उसने परिजनों को बताया कि वह बक्सर स्टेशन के आसपास है. इसके बाद फोन पर मौजूद लोगों ने खुद को पुलिस बताते हुए परिजनों से 10 हजार रुपये की मांग की.

पटना जीआरपी की तरफ से जारी जानकारी

पटना जीआरपी की तरफ से जारी जानकारी

फिरौती के लिए बार-बार फोन

परिजनों ने सुबह पैसे भेजने की बात कही और नितिन के खाते में 5 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. इसके बावजूद आरोपियों का लालच कम नहीं हुआ. अगले दिन 21 सितंबर की सुबह फिर नितिन के मोबाइल से फोन कर 20 हजार रुपये की मांग की गई. इस दौरान परिजनों की कई बार बात हुई, लेकिन उन्हें नितिन से सीधे बात करने का मौका नहीं मिला. इससे परिवार को शक हुआ कि कुछ गंभीर हुआ है.

परिजनों की शिकायत पर शुरू हुई जांच

स्थिति संदिग्ध लगने पर नितिन के परिजनों ने पंचायत के मुखिया के साथ बक्सर रेल थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. इसके आधार पर कांड संख्या 206/26 दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार राय के निर्देश पर दानापुर रेल पुलिस उपाधीक्षक कंचन राज के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की.

मोहनसराय से दबोचा गया आरोपी

लगातार छापेमारी और जांच के बाद पुलिस ने बक्सर और बनारस के बीच मोहनसराय क्षेत्र से मुख्य आरोपी रोहित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया. 25 वर्षीय रोहित तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बारिसवन गांव का रहने वाला है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.

आरोपी की निशानदेही पर मिला शव

पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि पैसे नहीं मिलने पर उसने नितिन कुमार को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया था. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आरा-जगजीवन हॉल्ट के बीच रेलवे ट्रैक से एक शव बरामद किया. मृतक के पिता मुकेश राय ने शव की पहचान अपने बेटे नितिन कुमार के रूप में की.

लंबे समय से कर रहा था ऐसी वारदातें

जांच में यह भी सामने आया कि रोहित तिवारी लंबे समय से ट्रेनों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता आ रहा था.

वह पैसेंजर ट्रेनों के दिव्यांग कोच में चढ़कर खुद को पुलिस, आरपीएफ या एसटीएफ का जवान बताता था. इसके बाद मजदूरों, युवाओं और अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था.

आरोपी धूम्रपान, टिकट जांच या अन्य बहानों से यात्रियों को डराकर उनसे पैसे वसूलता था. विरोध करने पर मारपीट करता था और गंभीर मामलों में ट्रेन से धक्का देने जैसी खतरनाक हरकतें भी करता था.

पहले भी दर्ज हैं कई मामले

रेल पुलिस के अनुसार रोहित तिवारी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसका नाम शाहपुर थाना के चोरी के मामले, बक्सर रेल थाना के पुराने कांड और दानापुर रेल थाना में 9 सितंबर 2026 को दर्ज एक अन्य मामले में भी सामने आया है. बताया गया कि वह करीब 25 महीने जेल में रहने के बाद दो महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था और फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया.

कई दस्तावेज भी बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक भूरा रंग का पर्स बरामद किया है.

पर्स में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और एसबीआई के एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, दिव्यांगता प्रमाण पत्र समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं.

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये दस्तावेज किसके हैं और क्या उनका संबंध किसी अन्य अपराध से भी जुड़ा है.

डीएसपी ने क्या कहा

जीआरपी पटना की उपाधीक्षक कंचन राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक शातिर अपराधी है. उन्होंने कहा कि आरोपी ने पूछताछ में ट्रेन से युवक को धक्का देकर हत्या करने की बात स्वीकार की है. वह पहले के कई मामलों में भी फरार चल रहा था.

फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उसके आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है.

यह भी पढ़ें : मुंबई लोकल में मर्डर, दरवाजा बंद करने के विवाद में चलती ट्रेन में युवक को चाकू से गोदा, मौत

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Buxar, Train Murder Case, Fake Policeman Arrested, Train Crime News, GRP Action
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com