Viral Video: भारत आई थाईलैंड की लड़की ने पहली बार भारतीय रेलवे की लोकल ट्रेन में सफर किया. थाई लड़की 42 रुपये का टिकट लेकर बेंगलुरु में भारतीय रेलवे के जनरल डिब्बे में चढ़ी. उसने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करके लोकल ट्रेन का अनुभव शेयर किया है. लड़की ने बताया कि ऐसा सफर कभी नहीं देखा है. साथ ही उसने बेंगलुरु की मेट्रो में सफर का वीडियो पोस्ट किया है. उसे मेट्रो में महिलाओं के लिए रिजर्व पहले डिब्बे की बात सबसे खास लगी है.
42 रुपये का लिया टिकट
लड़की का इंस्टाग्राम पर Gift Can Grow नाम से अकाउंट पर है, जिस पर उसने अपनी ट्रैवल जर्नी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर रखीं हैं. उसने तीन हफ्ते पहले इंस्टाग्राम पर भारतीय रेलवे के जनरल डिब्बे में सफर करने का वीडियो पोस्ट किया है. थाई लड़की ने बताया कि सिर्फ 42 रुपये का टिकट लेकर भारत की लोकल ट्रेन में सफर किया.
वीकेंड के चलते कम थी भीड़
उसने वीडियो में बताया,, "भारत की ट्रेनों रिव्यू बहुत देखे थे, आज खुद मौका मिला तो ट्राई किया. हमने सबसे सस्ता वाला टिकट लिया, जिसमें सीट रिजर्व नहीं होती, टिकट लो और चढ़ जाओ." थाई लड़की ने कहा कि किस्मत अच्छी थी कि हम वीकडे में गए इसलिए भीड़ कम थी और बैठने की जगह मिल गई. लेकिन जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ी, हमारे सिर के ऊपर भी लोग सो रहे थे. भीड़ और गंध के बारे में जो रिव्यू में सुना था, वो भी महसूस कर लिया, पर उसके बारे में ज्यादा नहीं बोलूंगी.
ये सफर का एक अलग तरीका है- लड़की
विदेशी लड़की ने आगे कहा कि पर ये एक्सपीरियंस हमने खुद चुना था क्योंकि हम देखना चाहते थे कि कैसा होता है. ये सफर का एक अलग ही तरीका है जो पहले कभी नहीं देखा. इसका मतलब ये नहीं कि भारत की हर ट्रेन ऐसी ही होती है, ये तो सबसे सस्ते वाली ट्रेन का अनुभव है, सिर्फ 42 रुपये वाली.
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इसके साथ थाई लड़की ने बेंगलुरु की मेट्रो ट्रेन में भी सफर का वीडियो पोस्ट किया. उसने वीडियो में कहा कि भारत में पहली बार मेट्रो में चढ़ी, सोची था कि क्या ये हमारे BTS (बैंकॉक मेट्रो) जैसा होगा? सच कहूं तो स्टेशन पर पहुंचते ही देखा कि बहुत भीड़ है, स्टेशन सोचा था उससे भी बड़ा है. टिकट खरीदना लगभग हमारे जैसा ही है, लेकिन यहां सिक्के/टोकन जैसा सिस्टम है.
उसने बताया कि बैंकॉक मेट्रो से ज्यादा फर्क नहीं है, बस यहां लोग बहुत ज्यादा भरे हुए हैं, एकदम आमने-सामने खड़े होकर सफर करना पड़ता है. जो नई बात पता चली वो ये कि यहां महिलाओं के लिए अलग डिब्बा भी है, जो मुझे बहुत अच्छा लगा. यहां लोग मेट्रो से बहुत ज्यादा सफर करते हैं और सबके पास बैकपैक दिखा, लगा कि काम करने वाले लोग ही मेट्रो को मेन साधन बनाते हैं.
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