हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग साइट पर प्रशासन ने सोलो पैराग्लाइडिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है. हाल के दिनों में लगातार हुए हादसों और मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. फैसले के बाद देश और विदेश से आए कई पायलटों ने नाराजगी जाहिर की है. रोक के विरोध में सोमवार सुबह बड़ी संख्या में पायलट लैंडिंग साइट पर एकत्र हुए. उनका कहना है कि बिना किसी स्पष्ट तकनीकी कारण के उड़ानों को बंद कर दिया गया है. इससे उनकी योजना और अभ्यास दोनों प्रभावित हुए हैं.
विदेशी पायलटों ने उठाए सवाल
विदेशी पायलटों का कहना है कि वे बीड़ बिलिंग आने के लिए लंबी यात्रा करते हैं और लाखों रुपये खर्च करते हैं. उनके अनुसार पैराग्लाइडिंग के लिए अनुकूल मौसम और उड़ान का समय सीमित होता है. ऐसे में सबसे उपयुक्त समय पर गतिविधियां रोक देने से उनका समय और पैसा दोनों प्रभावित हो रहे हैं. पायलटों ने प्रशासन से पूछा है कि यदि कोई गंभीर तकनीकी समस्या नहीं है, तो फिर पूरी तरह रोक लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी.
सुरक्षा को लेकर प्रशासन की चिंता
वहीं बैजनाथ के एसडीएम संकल्प गौतम के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों में क्रैश लैंडिंग के छह से सात मामले सामने आए हैं. इसके अलावा मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे जोखिम बढ़ सकता है. उन्होंने बताया कि कई विदेशी पायलट लंबी दूरी की उड़ान भरते हैं और मौसम खराब होने पर हादसों का शिकार हो सकते हैं. इसी संभावना को देखते हुए एहतियातन दो से तीन दिन के लिए गतिविधियां रोकी गई हैं.
जल्द हो सकती है बहाली
प्रशासन का कहना है कि पायलटों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की जाएगी. सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के बाद पैराग्लाइडिंग गतिविधियां फिर से शुरू कर दी जाएंगी. अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों और पायलटों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि बीड़ बिलिंग में उड़ानें दोबारा कब शुरू होती हैं.
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