Viral Video: आर्मी से रिटायर्ड कैप्टन पूरन सिंह 65 साल की उम्र में सिर के बल गिरिराज जी की परिक्रमा लगा रहे हैं. कुल 21 किलोमीटर लंबी इस परिक्रमा की शुरुआत उन्होंने 26 अक्टूबर को दानघाटी मंदिर से की थी. आज करवा चौथ वाले दिन इस यात्रा का चौथा दिन है. उनके साथ-साथ चल रहीं उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य पल-पल की अपडेट इंस्टाग्राम पर शेयर कर रहे हैं, जिसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं.
'दो दिन में तय की 1.1 KM से ज्यादा की दूरी'
खबर लिखे जाने तक गिरिराज परिक्रमा से जुड़े कुल 14 वीडियो उनकी इंस्टाग्राम आइडी से शेयर किए गए हैं. इनसे मिली जानकारी के मुताबिक, रिटायर्ड कैप्टन पूरन सिंह ने शीर्षासन करते हुए पहले दिन 500 मीटर और दूसरे दिन 650 मीटर की दूरी तय कर ली थी. जिस स्पीड से वो परिक्रमा मार्ग पर बढ़ रहे हैं, उसे देखकर कैप्टन का कहना है कि वे 35 दिन से पहले ही अपना संकल्प पूरा कर लेंगे.
'हर 100 मीटर पर लेते हैं एक छोटा सा ब्रेक'
कैप्टन के भतीजे ने बताया, 'ताऊजी सुबह 6 बजे से परिक्रमा शुरू करते हैं, जो दोपहर के करीब 12 बजे तक लगातार चलती है. करीब 100 मीटर की दूरी तय करने के बाद वे एक छोटा ब्रेक लेते हैं और फिर परिक्रमा करनी शुरू कर देते हैं. ब्रेक के दौरान शरीर की गर्मी खत्म न हो, इसीलिए उस वक्त भी वे योगा करते रहते हैं.'
'परिक्रमा पूरी करने के बाद बनाएंगे वर्ल्ड रिकॉर्ड'
कई पूर्व सैनिक भी कैप्टन का हौंसला बढ़ाने के लिए उनके साथ-साथ चल रहे हैं. उनमें से एक पूर्व सैनिक ने कहा, 'जिस उम्र में लोग रिटायर होकर घर पर आराम करते हैं, उस उम्र में कैप्टन पूरन सिंह सिर के बल परिक्रमा कर रहे हैं. उन्होंने पहले 4 घंटे से ज्यादा समय तक शीर्षासन करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया हुआ है. गिरिराज जी की परिक्रमा पूरी करने के बाद वो 5 घंटे से ज्यादा देर तक शीर्षासन करके अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने वाले हैं.'
यहां देखें पूरा वीडियो:-
'फॉलो मत करो, पर योगा जरूर करो'
कैप्टन पूरन सिंह ने लोगों से अपनी करते हुए कहा, 'आप बेशक इसे फॉलो न करें, लेकिन योगा जरूर करें. इससे आपका शरीर मजबूत होगा और कोई बीमारी आपको नहीं होगी.'
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
सोशल मीडिया पर इन वीडियोज को देखकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
एक यूजर ने लिखा, 'ये तो विश्व रिकॉर्ड बन सकता है. शीर्षासन लोगों से होता भी नहीं है, और ताऊ जी आगे बढ़ रहे हैं. बहुत बढ़िया.'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'इनकी तारीफ में जितने शब्द कहें जाएं वो कम ही रहेंगे. सिर के बल परिक्रमा करना बहुत ही मुश्किल काम है. गोवर्धन महाराज की आप को इसे पूरा करने की हिम्मत दें.'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'इतना जज्बा, इतना जुनून, इस उम्र में.. आपको सैलूट है अंकल. लेकिन सारी एनर्जी गलत दिशा में लगा रहे हो. भगवान आपको स्वस्थ रखे और सदबुद्धि दे.'
चौथे यूजर ने लिखा, 'शायद ऐसा परिक्रमा पहले किसी ने नहीं की है.'
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