Viral Video: खुद को 'प्रलय का भविष्यवक्ता' (Prophet of Doom) कहने वाले एक ब्रिटिश भविष्यवक्ता की भविष्यवाणी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. दरअसल, रूस की एक सीक्रेट लैब में काम करने वाली 28 साल की युवा वैज्ञानिक डार्या शिपिलोवा की संदिग्ध मौत से ठीक कुछ दिन पहले इस भविष्यवक्ता ने एक नई और जानलेवा महामारी आने का बड़ा दावा किया था. लोग अब इस मौत को उसी चेतावनी से जोड़कर देख रहे हैं.
तिब्बती भिक्षुओं ने दी गुप्त जानकारी
यूके के रहने वाले क्रेग हैमिल्टन-पार्कर पहले भी कोरोना महामारी और महारानी एलिजाबेथ की मौत की सटीक भविष्यवाणी का दावा कर चुके हैं. पिछले महीने 24 सितंबर को उन्होंने एक वीडियो में आगाह किया था कि दुनिया में फेफड़ों पर हमला करने वाली एक खतरनाक बैक्टीरियल महामारी आने वाली है, जिसे काबू करना बेहद मुश्किल होगा. हैमिल्टन ने दावा किया कि उनके घर अचानक आए दो तिब्बती भिक्षुओं ने उन्हें यह गुप्त जानकारी दी थी.
भविष्यवाणी के बाद आई डराने वाली खबर
इस अजीबोगरीब भविष्यवाणी के ठीक बाद साइबेरिया की एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट से एक डराने वाली खबर आई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां काम करने वाली वैज्ञानिक डार्या शिपिलोवा प्लेग के सबसे घातक रूप 'न्यूमोनिक प्लेग' का शिकार हो गईं. खबर है कि लैब में काम के दौरान उनसे लाइव बैक्टीरिया वाली टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिसके बाद वह इस जानलेवा संक्रमण की चपेट में आ गईं और एक अक्टूबर को उनकी मौत हो गई.
यह भी पढ़ें | BMW कार बनाने वाले दर्जनों रोबोट को मिली सजा-ए-मौत, गर्म लावे में छलांग लगाने को किया मजबूर
इस मौत के बाद रूसी प्रशासन में हड़कंप मच गया है. हैमिल्टन ने दावा किया कि पुतिन सरकार इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. करीब 200 लोगों को डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है. डार्या के साथ काम करने वाले 60 से ज्यादा सहयोगियों को उसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के भीतर बंद कर दिया गया है. इसके अलावा, इरकुत्स्क इलाके के करीब पांच बड़े अस्पतालों को 'महामारी मोड' पर डालते हुए तीन हफ्ते के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है. स्थानीय डॉक्टर अब दबी जुबान में 'प्लेग' फैलने की बातें कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें | किसी के आगे नहीं झुके ओमान के सुल्तान, लेकिन भारतीय राष्ट्रपति के बने ड्राइवर, वजह जान हर कोई था इमोशनल
AI से काबू कर लेंगे बीमारी
वैसे तो हैमिल्टन की इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि उनकी भविष्यवाणी इसी रूसी घटना से जुड़ी थी, क्योंकि अक्सर ऐसी गोल-मोल भविष्यवाणियों को लोग बाद में हुई घटनाओं से जोड़ लेते हैं. लेकिन हैमिल्टन ने अपनी वीडियो में एक दिलासा भी दिया है. उनके मुताबिक प्राचीन तिब्बती ग्रंथों में इस बीमारी का इलाज छिपा है और इस बार इंसानियत एआई (AI) की मदद से बहुत जल्द इस बीमारी पर काबू पा लेगी. फिलहाल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि वे इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन अभी पैनिक करने की जरूरत नहीं है.
यह भी पढ़ें | भारत के रंग में रंगे अमेरिकी बाप-बेटे, बाइक पर किया 2000 किमी का सफर; बोले- ये एक्सपीरियंस नहीं भूलेंगे
यह भी पढ़ें | रूस में फैल रही है कोरोना जैसी बीमारी? लैब में हादसे से मौत तक का पूरा घटनाक्रम, पूरा मामला समझें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं