- रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमित महिला के संपर्क में आए सभी लोगों की मेडिकल मॉनिटरिंग पूरी कर ली है
- न्यूमोनिक प्लेग तेजी से फैलने वाली फेफड़ों की बीमारी है, जिसका उपचार तुरंत शुरू करना आवश्यक होता है
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्थिति पर नजर रखने और मदद की पेशकश की, लेकिन रूस के साथ कोई संवाद नहीं हुआ है
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) का कहना है कि रूस में न्यूमोनिक प्लेग का संभावित मामला देश के बाहर "बहुत कम" जोखिम पैदा करता है. जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि पिछले हफ्ते वहां एक लैब कर्मचारी की न्यूमोनिया से मौत किस वजह से हुई. संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि वह रूसी अधिकारियों के संपर्क में है. यह संपर्क साइबेरिया और सुदूर पूर्व के इरकुत्स्क एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करने वाली एक महिला की पिछले हफ्ते हुई मौत की खबरों के बाद किया गया है.
रूसी अधिकारियों की देखरेख में हो रही इस जांच और मामले ने कोविड-19 महामारी और उन आरोपों की यादें ताजा कर दी हैं, जिनमें कहा गया था कि कोरोनावायरस शायद चीन की किसी लैब से निकला था. WHO ने महामारी की शुरुआत कैसे हुई, इस बारे में कोई पक्का जवाब नहीं दिया है.
WHO के अनुसार, न्यूमोनिक प्लेग फेफड़ों से जुड़ा होता है और इस बीमारी का सबसे खतरनाक पहलू है बीमारी के लक्षण दिखने का बहुत कम समय. बताया जाता है कि ये 24 घंटे से भी कम हो सकता है. अगर इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी जानलेवा हो सकती है, लेकिन अगर समय पर मतलब लक्षण दिखने के 24 घंटे के भीतर, इसका पता चल जाए और इलाज हो जाए, तो ठीक होने की दर ज्यादा होती है.
- इसके लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ और खांसी शामिल है, जिसमें अक्सर खांसी के साथ खून भी आता है.
- प्लेग का ज्यादा आम रूप ब्यूबोनिक प्लेग है, जो संक्रमित पिस्सू (flea) के काटने से होता है, और इससे मवाद मतलब पस भरे खुले घाव हो सकते हैं.
- न्यूमोनिया सांस के गंभीर संक्रमण का एक रूप है, जो ज्यादातर वायरस या बैक्टीरिया से होता है, और आम तौर पर संक्रमित लोगों के संपर्क में आने या हवा में मौजूद बूंदों से फैलता है. WHO का कहना है कि दुनिया भर में बच्चों की मौत का सबसे बड़ा संक्रामक कारण न्यूमोनिया है.
- मंगलवार को एक इंटरनेशनल हेल्थ अलर्ट सिस्टम के ज़रिए, रूस के हेल्थ अधिकारियों ने बताया कि बचाव के सभी जरूरी उपाय किए गए हैं, जिनमें मृतक महिला के संपर्क में आए लोगों का पता लगाना, मेडिकल मॉनिटरिंग और लैब टेस्ट शामिल हैं.
- रूसी अधिकारियों के नोट में कहा गया, "टेस्ट के नतीजों से पता चला कि संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति में खतरनाक संक्रामक बीमारी के पैथोजन (रोगाणु) नहीं पाए गए." नोट में कहा गया, "मौजूदा डेटा, लैब टेस्ट के नतीजों और हेल्थ की स्थिति के आधार पर, संपर्क में आए सभी लोगों (100%) की मेडिकल मॉनिटरिंग अब पूरी हो चुकी है. महामारी की स्थिति स्थिर है और उस पर लगातार नजर रखी जा रही है."
- इरकुत्स्क शहर के पास शेलेखोव कस्बे के एक अस्पताल में महिला की मौत हो गई और वहां के मेयर ने बताया कि अस्पताल को क्वारंटीन कर दिया गया है. रूस की राष्ट्रीय पब्लिक हेल्थ वॉचडॉग संस्था के बड़े अधिकारी शुक्रवार को उस इलाके में गए.
- सोमवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने लोगों को सलाह दी कि वे "अफवाहों या अटकलों" के बजाय वॉचडॉग एजेंसी 'रोस्पोट्रेबनादज़ोर' के आधिकारिक बयानों पर ध्यान दें.
- WHO के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमेयर ने मंगलवार को U.N. की एक ब्रीफिंग में बताया कि जिस संस्थान में महिला काम करती थी, वहां "खतरनाक पैथोजन्स (बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं) पर रिसर्च" होती है. इसमें साइबेरिया के उस इलाके में पाए जाने वाले प्लेग पर रिसर्च भी शामिल है, जहां यह बीमारी "जंगली जानवरों में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है." उन्होंने कहा कि रूसी अधिकारियों ने अभी तक WHO के विशेषज्ञों को रूस भेजने के लिए नहीं कहा है, जहां अधिकारी "इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसकी मौत न्यूमोनिक प्लेग की वजह से हुई थी."
- हाल के दिनों में, WHO ने जांच के सिलसिले में अपने जिनेवा मुख्यालय और कोपेनहेगन में मौजूद यूरोप के क्षेत्रीय कार्यालय में टेक्निकल एक्सपर्ट्स को बुलाया है, जिनमें ज़्यादा खतरा पैदा करने वाले पैथोजन्स के स्पेशलिस्ट भी शामिल हैं. लिंडमेयर ने कहा, "मौजूदा जानकारी के आधार पर WHO के शुरुआती रिस्क असेसमेंट का अनुमान है कि इर्कुत्स्क के लिए खतरा मध्यम से कम है; पूरे रूसी संघ के लिए खतरा कम है; और WHO के यूरोपीय क्षेत्र के लिए खतरा बहुत कम है."
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह चिंता के साथ स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अमेरिका मदद करने को तैयार है, हालांकि उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात नहीं की है.
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