VIRAL STORY: केरल हाई कोर्ट के 57 वर्षीय जज जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ हासिल करने की ठान ली जाए, तो उम्र और व्यस्तता कभी आड़े नहीं आती. उन्होंने हाल ही में गोवा में हुई 'आयरनमैन 70.3' जैसी बेहद कठिन रेस को पूरा कर हर किसी को हैरान कर दिया है. इस उम्र में जहां लोग रिटायरमेंट के बाद आराम की सोचते हैं, वहां जस्टिस थॉमस ने काम से समझौता किए बिना, सिर्फ नींद में कटौती कर यह मुकाम हासिल किया.
क्या है आयरनमैन 70.3 चुनौती?
यह कोई साधारण रेस नहीं है. यह एक बेहद कठिन ट्राइएथलॉन है, जिसमें बिना रुके 1.9 किलोमीटर तैरना, 90 किलोमीटर साइकिल चलाना और फिर 21.1 किलोमीटर दौड़ना होता है. जस्टिस थॉमस ने इस पूरी चुनौती को 8 घंटे 46 मिनट और 44 सेकंड में पूरा किया.
Kerala High Court judge Justice Bechu Kurian Thomas has completed the world-class Ironman 70.3 held in Goa last weekend. Read more: https://t.co/e9vP6vnnIu #KeralaHighCourt #JusticeBechuKurianThomas #Goa #triathlon https://t.co/ghQhL5XInx
— Live Law (@LiveLawIndia) November 2, 2026
बेटे से मिली प्रेरणा, खुद से किया वादा
जस्टिस थॉमस को यह चुनौती स्वीकार करने की प्रेरणा अपने ही बेटे से मिली, जिसने दो साल पहले इस रेस में हिस्सा लिया था. जज बनने के बाद, लगातार 16-18 घंटे बैठे रहने के कारण उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा था. जब उन्होंने कोर्ट के शटल टूर्नामेंट में सिंगल्स और डबल्स का खिताब जीता, तो उनका खोया आत्मविश्वास वापस आया और उन्होंने खुद को दोबारा फिट करने का फैसला किया.

नींद को कम करने का चैलेंज लिया
जस्टिस थॉमस के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय निकालने की थी. कोर्ट में मुकदमों का भारी बोझ होने के बावजूद उन्होंने अपने काम पर कोई आंच नहीं आने दी. उन्होंने बताया, "मैंने ट्रेनिंग के लिए अपनी नींद कम की, सामाजिक समारोहों, भाषणों और उद्घाटनों में जाना बिल्कुल बंद कर दिया. वीकेंड्स पर पूरा समय रनिंग, स्विमिंग और साइकिलिंग को दिया. मेरे पास कोर्ट का एक भी केस पेंडिंग नहीं है."
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चोटों से भी नहीं हुए परेशान
उनकी यह राह आसान नहीं थी. घुटने का ऑपरेशन, वैरिकोज वेन्स और पैर की मांसपेशियों में खिंचाव जैसी कई समस्याओं से वे जूझ रहे थे. रेस से ठीक एक महीने पहले कंधे की मांसपेशी फट गई और डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी. एक समय ऐसा आया जब वे रेस से नाम वापस लेने की सोच रहे थे. लेकिन उन्होंने खुद से कहा, "मैदान छोड़ने से बेहतर है कि कोशिश करके हारा जाए."
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डाइट में बदलाव करके जीती रेस
जस्टिस थॉमस ने अपनी डाइट में भारी बदलाव किया. सुबह सिर्फ चार अंडे और दोपहर-रात में प्रोटीन डाइट लेकर उन्होंने अपना वजन 97 किलो से घटाकर 86 किलो किया. वे कहते हैं, "अगर लक्ष्य पाना है, तो दर्द से लड़ना नहीं, बल्कि उसे गले लगाना सीखना होगा. जब डर खत्म होता है, तभी से जिंदगी की असली शुरुआत होती है."
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