VIRAL VIDEO: 65 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर सविंदर हुड्डा, जिन्हें फैंस 'ताई सावित्री' और 'जेन-जी ताई' कहते हैं, ने अपने नए वीडियो में समाज की कड़वी हकीकत को बयां किया है. अपने इंस्टाग्राम पेज पर बेबाक हरियाणवी अंदाज में उन्होंने माता-पिता को नसीहत दी है कि वे 'चार लोग क्या कहेंगे' के डर से अपने बच्चों के सपनों का गला न घोंटें. ताई ने सीधे शब्दों में कहा कि जो माता-पिता बच्चों से ज्यादा समाज की परवाह करते हैं, उन्हें बुढ़ापे में सेवा भी समाज से ही करवानी चाहिए, क्योंकि बीमारी या जरूरत के वक्त यह समाज कभी मदद के लिए आगे नहीं आता बल्कि सिर्फ ताने देता है. उन्होंने मां-बाप से कहा कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और उनका सहारा बनें.
'समाज से ही बुढ़ापे में सेवा करवा लेना'
सविंदर हुड्डा ने वीडियो में उन माता-पिता को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है जो बच्चों के सपनों से ज्यादा समाज की परवाह करते हैं. ताई कहती हैं, "अगर आपको अपने बच्चों से ज्यादा इस बात की चिंता है कि समाज क्या कहेगा, तो बुढ़ापे में सेवा कराने के लिए भी इसी समाज के पास जाना." उनका इशारा साफ है कि जिस समाज की खातिर माता-पिता अपने बच्चों की खुशियों और सपनों का गला घोंट देते हैं, वह समाज कभी वक्त पड़ने पर काम नहीं आता.
'चार लोग' सिर्फ ताना देने आते हैं, मदद करने नहीं
ताई ने समाज के खोखलेपन को उजागर करते हुए कहा कि हम जिस समाज के सामने हर वक्त झुकते हैं, वह हमारी बीमारी में एक रुपया भी नहीं लगाएगा. वे कहती हैं, "बीमारी में ये चार लोग मिलकर आपका इलाज नहीं करवाएंगे, लेकिन मौत होने पर ताना मारने सबसे पहले पहुंच जाएंगे कि देखो, बुढ़ापे में इसके बच्चे ही इसके साथ नहीं हैं." ताई के अनुसार, यह समाज न कभी किसी का सगा था, न है और न कभी होगा.
बच्चों का हौसला बनें, समाज का नहीं
वीडियो के आखिर में 'देसी फेमिनिस्ट दादी' ने माता-पिता से एक बेहद भावुक और जरूरी अपील की है. उन्होंने कहा कि समाज के डर से अपने बच्चों के पंख मत काटो. उन्हें अच्छी शिक्षा दो और उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहो. जब आप अपने बच्चों का हौसला बनेंगे, तभी वे आपके बुढ़ापे का सच्चा सहारा बनेंगे.
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लोग जमकर रहे तारीफ
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर कमेंट करते हुए busy.being.me0 ने लिखा कि आखिरकार उन्हें एक ऐसी बुजुर्ग महिला मिल ही गईं, जिन्होंने वाकई दुनिया को देखा और जिंदगी को गहराई से महसूस किया है. officialannieex ने गहरी इच्छा जताते हुए कहा कि काश ऐसी खूबसूरत सोच हमारे समाज में हर किसी की हो जाए. वहीं bhaskar_.sandilya का मानना है कि माता-पिता के लिए बच्चों की इस तरह की भावनाओं और नए विचारों को समझना अक्सर काफी मुश्किल होता है. दादी जी के इस बेबाक और आधुनिक अंदाज को देखकर akshxx._.207 ने उन्हें मजेदार अंदाज में "Gen Z Dadi" का टैग दे दिया. वहीं, kajal.lll._.01 ने लिखा, "दादी प्लीज फेसबुक पर भी आ जाइए और मेरे माता-पिता के फीड में भी थोड़ा दर्शन दे दीजिए ताकि वो भी इस बात को समझ सकें."
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कौन हैं सविंदर हुड्डा?
65 साल की सविंदर हुड्डा इंटरनेट पर 'देसी फेमिनिस्ट दादी' और 'जेन-जी ताई' के नाम से बेहद लोकप्रिय हैं. वे अपने इंस्टाग्राम पेज tai_savitri पर अपनी बेबाक हरियाणवी शैली में पितृसत्ता, रूढ़िवादी सोच और संकीर्ण मानसिकता के खिलाफ खुलकर आवाज उठाती हैं. सामाजिक बेड़ियों को तोड़ते हुए सविंदर महिलाओं को किसी की कठपुतली बनने के बजाय 'शेरनी' की तरह निडर होकर जीने और अपनी आजादी के लिए खड़े होने की सीख देती हैं. इसके साथ ही वे माता-पिता द्वारा बच्चों पर बनाए जाने वाले बेजा मानसिक दबाव का भी कड़ा विरोध करती हैं. आज अपने इसी अनोखे, साहसी और प्रेरणादायक अंदाज की बदौलत वे सोशल मीडिया पर लाखों युवाओं की रोल मॉडल बनी हुई हैं.
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