भारत में लंबे वर्किंग ऑवर्स और ऑफिस कल्चर को लेकर बहस अक्सर होती रहती है. अब इस मुद्दे पर पोलैंड में रहने वाले एक भारतीय शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. प्रदीप पंकज सिंह नाम के इस इंजीनियर ने भारत में 10 साल काम करने के बाद चार साल पहले पोलैंड आए थे. उन्होंने दोनों देशों के वर्क कल्चर की तुलना करते हुए बताया कि आखिर क्यों उन्हें यूरोप में काम करना ज्यादा बेहतर लगता है.
भारत में देर तक रुकना था आम बात
प्रदीन ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा कि भारत में जॉब के दौरान लंबे समय तक ऑफिस में रुकना सामान्य माना जाता था. कई बार कर्मचारी अपना काम पूरा कर लेते थे, लेकिन फिर भी समय पर घर जाने पर सवाल उठाए जाते थे. ऑफिस में यह भी देखा जाता था कि सबसे पहले कौन निकल रहा है, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बना रहता था.
पोलैंड में 8 घंटे के बाद खत्म हो जाता है काम
प्रदीप ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि पोलैंड में पिछले चार सालों के दौरान उन्हें कभी भी तय समय से ज्यादा काम करने के लिए मजबूर नहीं किया गया. यहां कंपनियां कर्मचारियों के निजी समय का सम्मान करती हैं. ऑफिस खत्म होने के बाद कॉल या मीटिंग करना बेहद रेयर है.
ऑफिस के बाद कॉल उठाना जरूरी नहीं
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई मैनेजर ऑफिस समय के बाद फोन करता है और कर्मचारी कॉल नहीं उठाता, तो उसे लेकर कोई सवाल नहीं किया जाता. वहीं अगर कोई कर्मचारी कॉल उठाकर मदद करता है, तो कंपनी उसकी सराहना करती है और अतिरिक्त भुगतान या छुट्टी भी देती है.
ओवरटाइम का मिलता है दोगुना पैसा
प्रदीप ने बताया कि पोलैंड में ओवरटाइम के लिए कर्मचारियों को सामान्य वेतन का 200 प्रतिशत तक भुगतान किया जाता है. यानी अतिरिक्त काम का सीधा आर्थिक फायदा मिलता है. उनका मानना है कि यही वजह है कि वहां के कर्मचारी ज्यादा खुश और मानसिक रूप से संतुष्ट नजर आते हैं.
सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस शुरू हो गई है. कई यूजर्स ने कहा कि भारत में भी कर्मचारियों के निजी समय और मानसिक स्वास्थ्य को अधिक महत्व दिए जाने की जरूरत है.
यह भी पढ़ें: दिल्ली मेट्रो में 1 छोटे बच्चे ने जवान को सैल्यूट किया और पैर छुए, CISF ने शेयर किया दिल को छू लेने वाला वीडियो
यह भी पढ़ें: 2253 नामों वाला शख्स! दुनिया के सबसे लंबे नाम का बना रिकॉर्ड, नाम पढ़ने में लगते हैं 20 मिनट से ज्यादा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं