ऑस्ट्रेलिया के एक व्यक्ति ने इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए कुछ ऐसा किया, जो बेहद अनोखा है. लॉरेंस वॉटकिंस नाम के इस व्यक्ति के पास दुनिया का सबसे लंबा नाम रखने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है. उनके नाम में कुल 2,253 पहले नाम (फर्स्ट नेम्स) शामिल हैं. यह अनोखी शुरुआत मार्च 1990 में हुई. वॉटकिंस ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की किताब को पूरा पढ़ा और सोचा कि वह कौन सा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. इसी दौरान उन्होंने नाम से जुड़ा रिकॉर्ड बनाने का फैसला किया और अपना नाम कानूनी रूप से बदलने का निर्णय लिया.
दुनिया का सबसे बड़ा नाम
वॉटकिंस उस समय एक लाइब्रेरी में काम करते थे. उन्होंने वहां रखी किताबों से अलग-अलग नाम चुनना शुरू किया. यह काम अकेले नहीं था, उनके साथियों ने भी इसमें मदद की और कई अनोखे नाम सुझाए. आखिरकार, इतने ज्यादा नाम जोड़कर उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जिसने कानूनी दस्तावेजों की सीमाओं को भी चुनौती दे दी.
हालांकि, इस अनोखे रिकॉर्ड से वॉटकिंस को दुनिया भर में पहचान मिली, लेकिन इसके साथ कई अजीब समस्याएं भी सामने आईं. जब उन्होंने शादी की, तो एक अलग ही मुश्किल खड़ी हो गई. शादी कराने वाले अधिकारी को उनका पूरा नाम पढ़ने में लगभग 20 मिनट लग गए, क्योंकि कानूनी रूप से पूरा नाम बोलना जरूरी था.
इतने सालों बाद भी वॉटकिंस मानते हैं कि इतने लंबे नाम के साथ जीना आसान नहीं है. सबसे हैरानी की बात यह है कि वह खुद भी अपने 2,253 नामों को सही तरीके से पूरा नहीं बोल पाते. फिर भी, इन सभी मुश्किलों के बावजूद, उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनका नाम एक खास और अनोखे रिकॉर्ड के रूप में दुनिया में दर्ज है.
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