Viral News: 11 साल पहले भारत घूमने आई एक विदेशी महिला ने अपना अनुभव साझा किया है. उसने बताया कि भारत आने से पहले उसके मन में डर था और आशंकाएं ऐसी थीं कि पूरी रात नींद नहीं आई. उसने सस्ता चक्कर में दिल्ली के बजाय कोच्चि की फ्लाइट बुक की थी. जब वह भारत पहुंची तो उसके घंटे के अंदर उसकी सारी धारणाएं बदल गई. जिस देश के बारे में वह पूरी तरह से अंजान थी. उस देश ने उसकी पूरी सोच बदल दी और वह यहीं की होकर रह गई.
11 साल पहले का सुनाया किस्सा
नीदरलैंड के एम्स्टर्डम से 11 साल पहले इवाना( Ivana) भारत घूमने के लिए आई थीं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में बताया कि मुझे कुआलालंपुर से भारत की एक ऐसी जगह के लिए अकेले उड़ान भरे हुए 11 साल हो गए हैं, जिसके बारे में मैंने पहले कभी सुना भी नहीं था. मैं पूरी रात सो नहीं पाई. उस समय कुआलालंपुर से दिल्ली की फ्लाइट महंगी थी. इसलिए इवाना ने कोच्चि की फ्लाइट बुक की थी.
पहली ट्रिप का बताया अनुभव
अपनी पहली ट्रिप के बारे में इवाना एक अन्य पोस्ट में कहती हैं, "जो लड़की पश्चिमी पर्यटक का किसी आश्रम में पहुंच जाना जैसे घिसे-पिटे किस्सों से हमेशा दूर रहना चाहती थी, वह आखिर केरल की दीवानी गई. भारत की अपनी पहली असली यात्रा पर मैं बिना किसी योजना के कोच्चि पहुंची और देखते ही देखते एक महीने की योग शिक्षक ट्रेनिंग में शामिल हो गई.

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Photo Credit: instagram/ivanaperkovicofficial
उस एक महीने के दौरान, इमैनुएल गेस्टहाउस के मैनुअल और लीना ने मुझे बिल्कुल अपने परिवार जैसा महसूस कराया. इसके अलावा, कोच्चि का अनोखापन वहां के सीधे-सादे मलयाली लोग जो किसी भटके हुए विदेशी की मदद करने के लिए अपना सब काम छोड़ देते हैं सच कहूं तो, केरल भारत की एक ऐसी जगह है जो चुपके से आपका दिल चुरा लेगी.
पश्चिमी मीडिया ने भारत के बारे में दिखाया डर
पश्चिमी मीडिया ने हमेशा मुझे भारत के बारे में डरावनी खबरें दिखाकर डराया था, लेकिन असल में वहां का एयरपोर्ट एकदम साफ और व्यवस्थित था और भारतीय लोग मेरी मदद करने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे थे. एयरपोर्ट के ठीक बाहर एक ATM था और 15 मिनट से भी कम समय में मुझे सिम कार्ड भी मिल गया. मैं सोच भी नहीं सकती कि अगर मैंने उस डर पर यकीन कर लिया होता जो पश्चिमी मीडिया ने मेरे दिमाग में भरने की कोशिश की थी, तो मेरी जिंदगी कैसी होती.
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भारत और भारतीयों को दुनिया के सामने कहीं बेहतर तरीके से पेश किए जाने की जरूरत है. मैंने कभी इस बात से इनकार नहीं किया कि इस देश में कुछ समस्याएं हैं. लेकिन भारत को सिर्फ एक "बेहद खराब देश" के रूप में दिखाना, ऐसे घटिया रवैये का जवाब भी उसी स्तर का होना चाहिए.
मैं किसी से यह नहीं कह रही कि वे भारत से प्यार करें. लेकिन 'व्हाइट सुप्रीमेसी' को बढ़ावा देने के लिए और सिर्फ व्यूज पाने के लिए बार-बार इस देश का इस्तेमाल करना, सरासर गलत और बुरा है. अब 2026 है, तो शुक्र है कि सोशल मीडिया मौजूद है, जिसकी मदद से मैं भारत के बारे में एक अलग नजरिया पेश कर सकती हूं.
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