- दीपिंदर गोयल की हेल्थ‑टेक कंपनी Temple ने इंजीनियरों के लिए फिटनेस आधारित अनोखी भर्ती प्रक्रिया शुरू की है.
- Temple में भर्ती के लिए पुरुषों का बॉडी फैट 16% और महिलाओं का 26% से कम होना अनिवार्य शर्त रखी गई है.
- Temple का वियरेबल डिवाइस ब्रेन ब्लड फ्लो को रियल‑टाइम में मापने वाला एडवांस्ड प्रोटोटाइप स्टेज पर है.
Zomato के फाउंडर और Eternal कंपनी के वाइस चेयरमेन दीपिंदर गोयल ने अपनी नई हेल्थ‑टेक कंपनी Temple की भर्ती प्रक्रिया को इतना अनोखा बना दिया है कि सोशल मीडिया पर लोग इसे 'इंजीनियरों के लिए फिटनेस ओलिंपिक' कह रहे हैं.
गोयल ने शुक्रवार को X पर पोस्ट डालते हुए घोषणा की कि Temple अपने हाई‑एंड वियरेबल डिवाइस के लिए ML इंजीनियर से लेकर Neural Decoding Researcher तक कई पदों पर भर्ती कर रहा है. लेकिन एक अनोखी कंडीशन के साथ. कंडीशन यह है कि वही लोग एप्लाई कर सकते हैं जिन पुरुषों का बॉडी फैट 16% से कम और महिलाओं का 26% से कम होना चाहिए.
We're recruiting at @temple.
— Deepinder Goyal (@deepigoyal) February 27, 2026
At Temple, we are building the ultimate wearable for elite performance athletes. A device that measures what no other wearable in the world measures, with a level of precision that doesn't exist yet.
To build it, we need people who are obsessive… pic.twitter.com/iCHaMUwdEw
जी हां, इतने फिट इंजीनियर तलाशे जा रहे हैं कि सोशल मीडिया पर लोग पूछने लगे कि इंटरव्यू क्या रनिंग ट्रैक पर होगा?
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Temple क्या है?
दीपिंदर गोयल इसे 'एलिट एथलीट्स के लिए दुनिया का सबसे एडवांस्ड वियरेबल' बता रहे हैं. एक ऐसा डिवाइस जो रियल‑टाइम में ब्रेन ब्लड फ्लो मापेगा. यह अभी शोध प्रोटोटाइप स्टेज पर है और गोयल खुद इसे ‘परफॉर्मेंस साइंस का भविष्य' मानते हैं.
इंजीनियर + एथलीट = Perfect Temple Team
गोयल का कहना है कि वे ऐसी टीम बनाना चाहते हैं जो सिर्फ टेक नहीं, फिटनेस और हाई‑परफॉर्मेंस की फिलॉसफी भी जीती हो. उन्होंने लिखा, 'हम उन लोगों के लिए बना रहे हैं जो अपने शरीर को लिमिट तक पुश करते हैं. इसलिए हमें भी वैसी ही टीम चाहिए.'
यदि कोई कैंडिडेट अभी इस बॉडी फैट रेंज में नहीं आता, तो भी अप्लाई कर सकता है. लेकिन उसे 3 महीने में लक्ष्य हासिल करना होगा, वरना प्रोबेशन जारी रहेगा.
सोशल मीडिया पर आ रहे गजब रिएक्शन
पोस्ट वायरल होते ही यूजर्स ने मजेदार प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा, 'मुझे नहीं लगता 16% बॉडी फैट वाले Embedded Engineers पृथ्वी पर रहते हैं.' वहीं एक और सोशल मीडिया यूजर ने कहा, 'GTA 6 से पहले बॉडी फैट वाला हायरिंग क्राइटेरिया देख लिया!'एक और यूजर ने लिखा, "अच्छी सोच है, लेकिन यह नंबर हर फिट इंजीनियर पर लागू नहीं होता.'
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कुछ लोगों ने कहा कि यह एक बोल्ड और इनोवेटिव सोच है, कुछ ने इसे अव्यावहारिक बताया. लेकिन चर्चा पूरे देश में छा गई.
Temple का आइडिया कहां से आया?
दीपिंदर गोयल वर्षों से अपनी हेल्थ ऑप्टिमाइजेशन जर्नी में ब्लड मार्कर्स, फास्टिंग, मेडिटेशन, हाइपरबेरिक ऑक्सीजन रूटीन्स और लॉन्गेविटी प्रैक्टिसेज का प्रयोग करते रहे हैं. Temple उसी खोज का विस्तार है. एक ऐसा टूल जो बताएगा कि ब्रेन ब्लड फ्लो में बदलाव एजिंग की प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करता है.
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