Viral Video: अमेरिका में रहने वाले एनआरआई कपल ने 21 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल वीडियो पोस्ट करके पैसा vs परिवार पर बहस छेड़ दी है. 46 सेकंड के इस वीडियो में नितिन मल्होत्रा कह रहे हैं, 'कभी-कभी सोचता हूं कि 15 साल यूएसए में रहकर मैंने क्या ही उखाड़ लिया? यहां कमाकर पैसे तो घर भेज दिए, लेकिन खुद घर नहीं जा सका. मां-बाप को देख नहीं सका. सारे त्योहार इंडिया में हो आकर चले गए, मैं यही रह गया. हम जैसे एनआरआई की यही कड़वी सच्चाई है.'
'पैसे का क्या आचार डालना है?'
वीडियो में नजर आ रहीं नितिन की पत्नी कहती हैं, 'विदेश में रहने वाले बेटे अपने मां-बाप को बूढ़े होते नहीं देख पाते, बीमारी में उनकी सेवा नहीं की कर पाते, त्योहार उनके साथ नहीं मना पाते, उनके साथ खुशियां नहीं बांट पाते, देखते ही देखते उनकी उम्र निकल जाती है और हम तब भी नहीं जा पाते. आखिर ऐसे पैसे का क्या फायदा जो आपको आपके परिवार से ही दूर कर दे. ऐसे पैसे का क्या आचार डालना है.'
'इमोश्नली अवेलेबल तो नहीं हो पाए'
कुछ लोग तर्क देते कि अमेरिका ने आपको इस काबिल बनाया कि आप दूर रहकर भी अपने माता-पिता की सुख-सुविधाओं का ख्याल रख सकें. ऐसे लोगों को जवाब देते हुए कपल ने कहा, 'बुढ़ापा एक ऐसा फेज होता है, जब हर माता-पिता को पैसे से ज्यादा इमोश्नल सपोर्ट की जरूरत होती है. वो चाहते हैं कि जब उन्हें जरूरत हो उनका परिवार उनके साथ खड़ा रहे. ऐसे पैसे का क्या फायदा जो आपको अपने परिवार के लिए इमोश्नली अवेलेबल ना रहने दे.'
'ट्रंप गोल्ड कार्ड' की हकीकत
ग्रीन कार्ड के लिए 179 सालों की संभावित वेटिंग और ट्रंप गोल्ड कार्ड की शर्तों का हवाला देते हुए नितिन ने वीडियो के आखिर में इसी कड़वी सच्चाई को स्वीकारते हुए कहा, 'आज हर NRI करियर और अमेरिकी सपने को पाने की होड़ में अपने परिवार को पीछे छोड़ देने के दर्द से जूझ रहा है.'
यहां देखें पूरा वीडियो:-
सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस
एक यूजर ने अमेरिका में रहने के फायदे और नुकसान बताते हुए कहा, 'पैसा और परिवार दोनों जरूरी हैं. लेकिन हालात तय करते हैं कि आपको सबसे ज्यादा किस चीज की जरूरत है. आप कहां काम करते हैं यह मायने नहीं रखता, आप अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रहे हैं या नहीं, यही मायने रखता है. पैसे के बिना, कभी-कभी सिर्फ इमोशनल सपोर्ट से काम चलाना मुश्किल हो सकता है.'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'आपने बिल्कुल प्रैक्टिकल चीजें बताईं. कुछ लोगों को परिवार और दोस्तों से इतनी दूर रहना बुरा लगता है.'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'आप जो कर रहे हैं वह सही है. लेकिन आप अपने बच्चों को क्या दे रहे हैं? यह असल में मायने रखता है. सिर्फ पैसा और अच्छी सुविधाएं? लेकिन कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं, कोई रिश्तेदार नहीं. कुछ सालों बाद वे आपके बारे में सोचेंगे भी नहीं, क्योंकि आपने उन्हें बस यही दिया है. इसलिए, आज आपके माता-पिता जो हालात झेल रहे हैं, उनका सामना करने के लिए तैयार रहें.'
चौथे यूजर ने लिखा, 'हर चीज के अपने फायदे और नुकसान होते हैं. हर किसी को सबकुछ एक साथ नहीं मिलता. कुछ ना कुछ मिस हो ही जाता है.'
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