
प्रतीकात्मक फोटो
वाशिंगटन:
एक शीर्ष दक्षिण एशियाई संगठन ने कहा है कि घृणा अपराध संबंधी एफबीआई के हाल में जारी आंकड़े दर्शाते हैं कि हिंसा दक्षिण एशियाई समुदायों के लिए ‘‘जीवन की सचाई’’ बन गई हैं.
साउथ एशियन अमेरिकन्स लीडिंग टुगेदर (एसएएएलटी) के कार्यकारी निदेशक सुमन रघुनाथन ने कहा, ‘‘घृणा अपराध संबंधी एफबीआई के आंकड़े इस बात को रेखांकित करते हैं कि हिंसा हमारे समुदायों के लिए जीवन की सच्चाई बन गई है.’’
VIDEO- कितने नस्लवादी हैं हम?
एफबीआई की ओर से इस सप्ताह जारी वर्ष 2016 के घृणा अपराध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 से मुसलमानों के खिलाफ घृणा अपराधों में 19 प्रतिशत, हिंदुओं के खिलाफ घृणा अपराधों में 100 प्रतिशत और सिखों के खिलाफ घृणा अपराधों में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
साउथ एशियन अमेरिकन्स लीडिंग टुगेदर (एसएएएलटी) के कार्यकारी निदेशक सुमन रघुनाथन ने कहा, ‘‘घृणा अपराध संबंधी एफबीआई के आंकड़े इस बात को रेखांकित करते हैं कि हिंसा हमारे समुदायों के लिए जीवन की सच्चाई बन गई है.’’
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एफबीआई की ओर से इस सप्ताह जारी वर्ष 2016 के घृणा अपराध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 से मुसलमानों के खिलाफ घृणा अपराधों में 19 प्रतिशत, हिंदुओं के खिलाफ घृणा अपराधों में 100 प्रतिशत और सिखों के खिलाफ घृणा अपराधों में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
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