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अमेरिकी सेना ने ईरान को सजा देने के लिए सैनिकों से ‘लीक से हटकर’ आइडियाज मांगे, अभी 4 विकल्प

सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी और डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी, दोनों ने हाल ही में यह आकलन किया है कि अमेरिका जिस तरह की बमबारी कर रहा है, उससे ईरान के बातचीत के रुख में बदलाव आने की संभावना कम है.

अमेरिकी सेना ने ईरान को सजा देने के लिए सैनिकों से ‘लीक से हटकर’ आइडियाज मांगे, अभी 4 विकल्प
सभी स्तर के सैनिकों से हमले की योजना मांगी गई है. (फोटो-AFP)
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान युद्ध से बाहर निकलने के लिए नए और क्रिएटिव रणनीतियों की तलाश कर रहे हैं
  • US सेंट्रल कमांड के एक सीनियर ऑफिसर ने सैनिकों से ईमेल के जरिए ईरान पर दबाव बढ़ाने के सुझाव मांगे हैं
  • ट्रंप ने ईरान पर भारी बमबारी और न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले के विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध में इस कदर फंसे हैं कि अब बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ रहे.  ईरान के साथ चल रही जंग को आगे बढ़ाने वाले अमेरिकी मिलिट्री कमांड के एक सीनियर ऑफिसर ने ईमेल के जरिए सैनिकों से नये आइडिया मांगे हैं. इस मैसेज की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के मुताबिक, US सेंट्रल कमांड की इंटेलिजेंस ब्रांच के एक ऑफिसर ने बुधवार को मिलिट्री एनालिस्ट्स के एक बड़े ग्रुप को मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था, "हम ईरान पर दबाव बनाने और उसे सजा देने के लिए नए, क्रिएटिव और अनोखे तरीके ढूंढ रहे हैं." एक दूसरे सूत्र ने भी बताया कि पिछले हफ्ते एक सीनियर अमेरिकी मिलिट्री ऑफिसर ने ईरान से निपटने के नए तरीकों के लिए सुझाव मांगते हुए मैसेज भेजा था.

क्राउडसोर्सिंग के अंदाज में की गई इस पूछताछ को मिलिट्री अधिकारियों ने ईमेल के जरिए असामान्य बताया. यह इस बात का संकेत है कि ट्रंप के पास ईरान को अपनी शर्तों पर डील के लिए मजबूर करने के सीमित और शायद नापसंद किए जाने वाले विकल्प ही मौजूद हैं. कोई दूसरा विकल्प खोजने की उम्मीद में, CENTCOM के अधिकारी ने ईमेल के जरिए ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन शुरू किया ताकि यह देखा जा सके कि क्या किसी के पास कोई बेहतर आइडिया है. दूसरे सूत्र ने कहा कि CENTCOM हर पहलू पर विचार कर रहा है और मानता है कि उसे अपनी रणनीति पर फिर से सोचने की जरूरत है.

CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिमोथी हॉकिन्स ने एक बयान में कहा, "US सेंट्रल कमांड का नए और अनोखे तरीकों से सोचने और काम करने का लंबा इतिहास रहा है. खासकर एडमिरल कूपर, ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के सबसे ऊंचे स्तर को हासिल करने के लिए अपनी बेहतरीन टीम के सदस्यों से. चाहे उनका रैंक कुछ भी हो. हम संपर्क करते हैं." यह ईमेल ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू करने की ट्रंप की धमकी से पहले आया था, लेकिन क्षेत्रीय ताकतों विशेष रूप से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंसके हस्तक्षेप के बाद उन्होंने हमले रद्द कर दिए. क्राउन प्रिंस ने राष्ट्रपति को फोन करके उनसे तनाव कम करने का आग्रह किया था.

ट्रंप के पास अभी चार विकल्प

  1. कई हफ्तों से, अमेरिका ईरान पर हवाई हमले कर रहा है, जिनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को धमकाने की उसकी क्षमता को कमजोर करना और तेहरान को बातचीत की मेज पर वापस लाना है, लेकिन अभी तक किसी समझौते के कोई आसार नहीं हैं. ट्रंप ईरान के बचे हुए न्यूक्लियर ठिकानों पर फिर से जबरदस्त हमले करके मिलिट्री कैंपेन को तेज करने पर विचार कर रहे हैं. उनका दावा था कि पिछली गर्मियों में हुए हमलों में ये ठिकाने "पूरी तरह नष्ट" कर दिए गए थे. इस प्लानिंग की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों का कहना है कि सेना 'पिकएक्स माउंटेन' और ईरान की उन दूसरी जगहों पर हमले करने की तैयारी कर रही है, जहां न्यूक्लियर मटीरियल या उपकरण होने की आशंका है.
  2. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी और डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी, दोनों ने हाल ही में यह आकलन किया है कि अमेरिका जिस तरह की बमबारी कर रहा है, उससे ईरान के बातचीत के रुख में बदलाव आने की संभावना कम है. CENTCOM की एक योजना के तहत ईरान की मिसाइल क्षमताओं को खत्म करने के लिए एक या दो हफ्ते तक भारी बमबारी की जा सकती है. 
  3. ट्रंप जमीन पर अमेरिकी सैनिक भेजकर मामले को और बढ़ा सकते हैं. उन्होंने कई बार ऐसी धमकी दी है और रणनीतिक रूप से अहम खार्ग द्वीप पर कब्जा करने या ईरान के बहुत ज्यादा एनरिच्ड यूरेनियम को हटाने की बात कही है. लेकिन ऐसा करने से वे अपने MAGA समर्थकों से किए गए एक अहम वादे को तोड़ देंगे: पेंसिल्वेनिया में 2024 के कैंपेन रैली के दौरान उन्होंने कहा था, "मैं आपको कभी खत्म न होने वाली बेवकूफी भरी विदेशी लड़ाइयों में लड़ने और मरने के लिए नहीं भेजूंगा."
  4. या फिर वह एक खतरनाक स्थिति को स्वीकार कर सकते हैं. ईरान के साथ हमलों और जवाबी हमलों का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला, जिसमें और ज्यादा अमेरिकी लोगों की जान जा सकती है और होर्मुज जलडमरूमध्य हमेशा खतरे में रह सकता है. कुछ वैसा ही जैसा उन "हमेशा चलने वाले युद्धों" में होता है, जिनकी उन्होंने आलोचना की है.

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