- ईरान की IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी मानव रहित पनडुब्बी को कब्जे में लेने का दावा किया है
- IRGC ने बताया कि कब्जे में ली गई पनडुब्बी डाइव-एलडी मॉडल की आधुनिक अंडरवॉटर तकनीक से लैस है
- IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट में MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने अमेरिकी पनडुब्बी को पकड़ने का दावा किया. IRGC ने बताया कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट के प्रवेश क्षेत्र में की गई. कब्जे में ली गई यह पनडुब्बी अमेरिकी सेना की सबसे आधुनिक और एडवांस मानव रहित पनडुब्बियों में से एक है. मंगलवार (स्थानीय समय) को IRGC की आधिकारिक समाचार एजेंसी सेपाह न्यूज में जारी बयान के अनुसार, इस मानव रहित पानी के भीतर काम करने वाले वाहन को एक जटिल खुफिया और सैन्य अभियान के दौरान कब्जे में लिया गया.
दूसरी तरफ US सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा US के एक युद्धपोत पर हमले के बाद, US सेना ने ईरान के कच्चे तेल के पांच टैंकरों को नष्ट कर दिया है.
IRGC ने क्या दावा किया?
IRGC ने बताया कि इस पानी के भीतर चलने वाले वाहन की पहचान 'डाइव-एलडी' के रूप में हुई है. उसके अनुसार, यह दुनिया की सबसे आधुनिक अंडरवॉटर वाहन तकनीक से लैस है. संगठन ने कहा कि इसकी तस्वीरें अगले कुछ घंटों में जारी की जाएंगी. सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने सेपाह न्यूज के हवाले बताया कि IRGC ने मंगलवार को एक अलग बयान में कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे एक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है.
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मंगलवार को कहा कि उनका देश पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि 'आक्रमण करने वालों' को अपने कदमों पर पूरी तरह पछतावा न हो जाए. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान हमेशा युद्ध का विरोध करता रहा है. पेजेश्कियन ने लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हमेशा युद्ध के खिलाफ रहा है. हमारा मानना है कि लोगों के हितों की रक्षा और पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका युद्ध भड़काने से बचना है."
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन जिस तरह ईरान ने अब तक साहस के साथ हर आक्रमण का मुकाबला किया है, उसी तरह वह आगे भी पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि आक्रमण करने वालों को अपने किए पर पूरा पछतावा न हो जाए. ईरान अपने महान लोगों के अधिकारों की रक्षा करता रहेगा."
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल तथा क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन हमलों की कई लहरें चलाईं. साथ ही, उसने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली.
18 जून को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में युद्ध खत्म करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत करके अंतिम समझौते तक पहुंचना था. यह समयसीमा 17 अगस्त को समाप्त हो गई, लेकिन दोनों देशों के बीच हालिया तनाव बढ़ने के बाद इन वार्ताओं का भविष्य अभी भी स्पष्ट नहीं है.
(फोटो- IANS)
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