- इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिकी मध्यस्थता में बातचीत का अगला दौर रोम में चार अगस्त से छह अगस्त तक होगा
- दोनों पक्ष पायलट जोन की प्रक्रिया विस्तार, सीमा विवाद समाधान और व्यापक शांति समझौते पर काम करेंगे
- पिछले महीने हुए समझौते के तहत लेबनान की सेना दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह की जगह तैनात होगी
अमेरिकी मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत का अगला दौर कल से रोम में शुरू होगा. दोनों पक्षों की टेक्निकल टीमें 4 अगस्त से 6 अगस्त तक मिलेंगी और उस फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने पर ध्यान देंगी, जिस पर इजरायल और लेबनान ने पिछले महीने भविष्य में होने वाली शांति डील के लिए हस्ताक्षर किए थे. अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी के हवाले से जारी बयान में कहा गया, "इसमें पायलट जोन की प्रक्रिया का विस्तार करना, सीमा से जुड़े सभी लंबित मुद्दों को सुलझाना और शांति व सुरक्षा के एक व्यापक समझौते पर काम करना शामिल है."
समझौते में क्या है
पिछले महीने हुई डील के तहत, लेबनान की सेना को दक्षिणी लेबनान के उन इलाकों में तैनात होना था, जहां हिज्बुल्लाह आतंकी गुट की सैन्य मौजूदगी और प्रभाव था. साथ ही, हिज्बुल्लाह के हथियार छोड़ने की शर्त पर इजरायल को दक्षिण में अपने घोषित सुरक्षा जोन से पीछे हटना था. IDF ने पिछले हफ्ते दक्षिणी लेबनान के एक पायलट जोन से अपनी पहली वापसी की, हालांकि बेरूत ने तब से यरूशलेम पर आरोप लगाया है कि वह उस इलाके में लेबनानी सेना के काम में बाधा डाल रहा है.
ट्रंप प्रशासन उत्साहित
स्टेट डिपार्टमेंट ने जोर देकर कहा कि सत्ता का हस्तांतरण ठीक से चल रहा है, हालांकि ऐसी चिंताएं थीं कि अक्टूबर में होने वाले नेसेट चुनाव के नजदीक आने पर इजरायल और ज्यादा वापसी करने के लिए सहमत नहीं होगा. स्टेट डिपार्टमेंट के बयान में कहा गया, "शुरुआती जोन का अनुभव हमें पायलट-जोन के लागू होने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करेगा ताकि इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा सके." "त्रिपक्षीय ढांचा ही स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता है. इसे पूरी तरह से लागू करना दोनों देशों के स्पष्ट हित में है, और ट्रंप प्रशासन इसकी सफलता के लिए प्रतिबद्ध है."
क्यों शुरू हुआ संघर्ष
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच लड़ाई 2 मार्च को शुरू हुई, जब लेबनान के इस आतंकी गुट ने अपने मुख्य समर्थक ईरान का साथ देने के लिए इजरायल पर रॉकेट दागे. इसके जवाब में, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई शुरू की. लेबनान के शीर्ष राजनीतिक नेताओं ने देश को एक और युद्ध में धकेलने के लिए हिज्बुल्लाह की आलोचना की, लेकिन साथ ही इजरायल के हमलों और जमीनी कार्रवाई की भी निंदा की. हिज्बुल्लाह ने इजरायल के साथ बातचीत और समझौते की निंदा की है, लेकिन सैन्य तरीकों से इसे नाकाम करने की कोशिश नहीं की है. ये ईरान के लिए एक झटके की तरह ही है.
यह भी पढ़ें-
अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं चल रही: ईरान, होर्मुज पर भी क्लियर किया अपना प्लान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं