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कौन हैं प्रणवी उर्स? 6 साल की उम्र में शुरू किया गोल्फ खेलना, अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई जिन्होंने आखिरी दौर में एक स्ट्रोक की बढत बरकरार रखकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की और टीम को भी रजत दिलाया.

एशियन गेम्स गोल्फ में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

शनिवार को प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं. उन्होंने फ़ाइनल राउंड में एक स्ट्रोक की मामूली बढ़त बनाए रखते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जिससे देश को टीम सिल्वर मेडल जीतने में भी मदद मिली. मैसूर की रहने वाली 23 वर्षीय प्रणवी ने तीसरे होल पर खराब 'ट्रिपल बोगी' से उबरते हुए तीन 'बर्डी' लगाईं; इस ट्रिपल बोगी की वजह से उनकी तीन स्ट्रोक की बढ़त खत्म हो गई थी जो उन्हें पिछले दिन के खेल के बाद मिली थी.

फाइनल राउंड में 'ईवन-पार 70' के स्कोर के साथ, उन्होंने चार दिनों में कुल '15-अंडर 265' का स्कोर बनाया और बाकी खिलाड़ियों से एक स्ट्रोक आगे रहीं. अदिति अशोक (फाइनल राउंड में 67) और दीक्षा डागर (फाइनल राउंड में 77) के साथ मिलकर उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत को टीम सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई. टीम मेडल तय करने के लिए दो सबसे अच्छे स्कोर को आधार माना जाता है और भारत का कुल स्कोर '14-अंडर 546' रहा, जो गोल्ड जीतने वाले चीन (22-अंडर 538) से काफी पीछे था. प्रणवी का मेडल 2002 में शिव कपूर द्वारा पुरुषों के व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत का पहला गोल्ड मेडल था.

कौन हैं प्रणवी उर्स

सिर्फ 23 साल की उम्र में, प्रणवी ने गोल्फ की दुनिया में कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं. हालांकि, एशियाई खेलों का पदक निश्चित रूप से उनकी सबसे बड़ी सफलता है. 15 अप्रैल 2003 को कर्नाटक के मैसूर शहर में जन्मी प्रणवी ने अपने पिता और भाई से प्रेरित होकर छह साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया.

प्रणवी ने जूनियर और एमेच्योर गोल्फ सर्किट में आगे बढ़ते हुए कई जीत हासिल कीं, जिनमें खास तौर पर थाईलैंड में 2018 सिंघा वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप और ऑल इंडिया जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप शामिल हैं. वह 2020 में प्रोफेशनल बनीं.

2023 में हांग्जो एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, वह महिला टीम इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं और बहुत कम अंतर से पदक जीतने से चूक गईं.

इसके बाद प्रणवी ने इंटरनेशनल सर्किट में अपनी पहचान बनाई और लेडीज़ यूरोपियन टूर (LET) जैसे टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया. 2024 में अंडालूसिया कोस्टा डेल सोल ओपन डी एस्पाना में तीसरे स्थान पर रहकर उन्होंने न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में उभरती हुई महिला गोल्फरों में से एक के तौर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई.

अब तक उनकी सबसे शानदार उपलब्धि 2025 IGPL इनविटेशनल मुंबई जीतना रही है, जिससे वह पुरुष गोल्फरों के खिलाफ प्रोफेशनल ओपन-फील्ड टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थीं.

प्रणवी को 2023 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, और उन्हें जनवरी 2022 में ओलंपिक की तैयारी के लिए खास मदद देने के मकसद से 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) के कोर ग्रुप में भी शामिल किया गया था. 

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