- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, दोनों पक्ष एक-दूसरे को घेरने की रणनीति अपना रहे हैं
- अमेरिकी नौसेना का विध्वंसक पोत इजरायल के इलात बंदरगाह पर पहुंचा, जो अमेरिका-इजरायल सैन्य सहयोग का हिस्सा है
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौता न करने पर भीषण हमले की चेतावनी दी है
अमेरिका और ईरान के बीच क्या युद्ध तय हो चुका है और ये बस अब समय की बात है कि कब और कौन ट्रिगर दबाता है? कारण ये है कि अमेरिका लगातार ईरान को घेर रहा है. वहीं ईरान लगातार कूटनीतिक तरीके से अमेरिका को घेर रहा है. मुस्लिम देशों से लगातार उसकी तरफ से संपर्क किया जा रहा है. सऊद, यूएई, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों से उसकी लगातार बातचीत हो रही है. तुर्की को छोड़कर बाकी ईरान से सटे देशों ने अमेरिका को अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने का उसे वचन तक दिया है.
क्या ईरान पर अटैक का प्लान?
इजरायल की समाचार वेबसाइट Ynet ने शुक्रवार को सेना के हवाले से बताया कि अमेरिकी नौसेना का एक विध्वंसक पोत इजरायल के इलात बंदरगाह पर पहुंचा है. मिस्र और जॉर्डन के साथ इजरायल की सीमाओं के पास, अकाबा की खाड़ी पर स्थित दक्षिणी बंदरगाह पर विध्वंसक पोत का आगमन प्लान्ड था. ये अमेरिकी और इजरायली सेनाओं के बीच चल रहे सहयोग का हिस्सा है. अंदेशा ये भी है कि अमेरिका और इजरायल क्या ईरान पर अटैक का प्लान कर रहे हैं?
ट्रंप ने दी थी धमकी
यह तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि परमाणु हथियारों पर समझौता करो वरना भीषण हमले के लिए तैयार रहो. पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने भी कहा कि अमेरिकी सेना राष्ट्रपति द्वारा लिए जाने वाले किसी भी निर्णय का पालन करने के लिए तैयार है.
ईरान ने चेताया
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शुक्रवार को कहा कि खाड़ी में वाशिंगटन की भारी सैन्य तैनाती के बाद अमेरिका के साथ कूटनीति की सफलता तभी संभव है जब अमेरिका धमकी देना बंद करे. ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पेजेश्कियन ने अपने तुर्की समकक्ष रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ फोन पर बातचीत में कहा, "किसी भी कूटनीतिक पहल की सफलता इसमें शामिल पक्षों की सद्भावना और क्षेत्र में आक्रामक और धमकी भरे कार्यों को छोड़ने पर निर्भर करती है."
तुर्की ने क्या कहा
तुर्की के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच वार्ता फिर से शुरू करना अमेरिका द्वारा संभावित हमलों के तनाव को कम करने के लिए "अत्यंत महत्वपूर्ण" है. इस्तांबुल में अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाकान फिदान ने कहा, "क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता की पुनः शुरुआत अत्यंत आवश्यक है."
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