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This Article is From Mar 16, 2026

होर्मुज से भारतीय जहाज पास कराने के बदले अपने जब्त टैंकर वापस मांग रहा ईरान: रायटर्स सूत्र

भारत ने सोमवार को कहा कि खाड़ी में कम से कम 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 611 भारतीय नाविक अभी भी मौजूद हैं. भारत इसको लेकर ईरान से बातचीत कर रहा है.

होर्मुज से भारतीय जहाज पास कराने के बदले अपने जब्त टैंकर वापस मांग रहा ईरान: रायटर्स सूत्र
भारत और ईरान होर्मुज में फंसे जहाजों को लेकर बात कर रहे हैं.
  • फरवरी में भारत ने ईरान से जुड़े तीन टैंकर जब्त किए थे जिन पर पहचान छिपाने और अवैध गतिविधि का आरोप था
  • ईरान ने इन टैंकरों को छोड़ने का अनुरोध किया है साथ ही दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति मांगी है
  • हाल ही में ईरान ने दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है

तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान ने भारत से फरवरी में जब्त किए गए तीन टैंकरों को छोड़ने का अनुरोध किया है. ये टैंकर भारतीय ध्वज वाले या भारत जाने वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से खाड़ी से सुरक्षित निकालने के लिए चल रही बातचीत का हिस्सा थे. भारतीय अधिकारियों ने भारतीय जलक्षेत्र के पास ईरान से जुड़े इन तीन टैंकरों को इस आरोप में जब्त किया था कि उन्होंने अपनी पहचान छिपाई या बदली थी और वे समुद्र में अवैध जहाज-से-जहाज हस्तांतरण में शामिल थे.

ईरान की और क्या डिमांड

एक ईरानी अधिकारी के अनुसार, तेहरान ने कुछ दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की भी मांग की है. सूत्रों ने बताया कि सोमवार को नई दिल्ली स्थित ईरान के राजदूत ने भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की. मामले की संवेदनशीलता के कारण सूत्रों ने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया. भारत के विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास और ईरान के विदेश मंत्रालय ने रॉयटर्स के टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया.

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भारतीय अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने हाल ही में दो भारतीय द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकरों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी, जिनमें से एक सोमवार को पश्चिमी भारत लौट आया. ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य के दोनों ओर यातायात लगभग ठप हो गया है. भारतीय जहाजों के लिए मार्ग सुनिश्चित करने वाली वार्ता के बारे में पूछे जाने पर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को कहा कि हाल की गतिविधियां "आपसी सहयोग और बातचीत के इतिहास" को दर्शाती हैं. उन्होंने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कोई लेन-देन नहीं हुआ है.

भारत के कितने जहाज फंसे

फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की शुरुआत के बाद से, तेहरान ने पूरे क्षेत्र में हमले किए हैं, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर हमले भी शामिल हैं, जिनमें तीन भारतीय नाविक मारे गए और एक लापता है. भारत ने सोमवार को कहा कि खाड़ी में कम से कम 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 611 भारतीय नाविक अभी भी मौजूद हैं. 

एक भारतीय सूत्र ने बताया कि इनमें से छह जहाजों में एलपीजी भरी हुई थी और देश खाना पकाने के ईंधन की कमी को दूर करने के लिए इन जहाजों को पहले रवाना करने के लिए उत्सुक था. भारत के कुल एलपीजी आयात का लगभग 90% खाड़ी देशों से आता है.

कैसे पकड़े गए थे ईरानी टैंकर

भारतीय अधिकारियों ने एस्फाल्ट स्टार, अल जाफजिया और स्टेलर रूबी नामक टैंकरों को जब्त किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाया या बदला था और वे अवैध जहाज-से-जहाज हस्तांतरण में शामिल थे. स्टेलर रूबी ईरानी ध्वज वाला जहाज है, जबकि अन्य दो जहाज निकारागुआ और माली के ध्वज वाले हैं. भारतीय तटरक्षक बल द्वारा 15 फरवरी को दर्ज कराई गई और रॉयटर्स द्वारा देखी गई एक पुलिस शिकायत में कहा गया है कि एस्फाल्ट स्टार भारी ईंधन तेल की तस्करी में शामिल थी, जिसे अल जाफजिया और बिटुमेन को स्टेलर रूबी को हस्तांतरित किया गया था. ये तीनों जहाज वर्तमान में मुंबई के तट पर खड़े हैं.

जब्ती के समय के आसपास, ईरानी सरकारी मीडिया ने नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी के हवाले से कहा कि जब्त किए गए तीनों टैंकरों का कंपनी से कोई संबंध नहीं है. जुगविंदर सिंह बराड़, जिन पर संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी तेल परिवहन में मदद करने वाले जहाजी बेड़े को चलाने का आरोप लगाता है, ने कहा कि वह भारत द्वारा जब्त किए गए तीनों जहाजों के सलाहकार थे और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया था. उन्होंने रॉयटर्स को फोन पर बताया, "हम बिटुमेन का परिवहन कर रहे थे और इसमें कुछ भी अवैध नहीं है. मेरे जहाज 40 दिनों से वहां हैं और मुझे नुकसान हुआ है." उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें टैंकरों को लेकर किसी भी बातचीत की जानकारी नहीं है.

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