Russia-Ukraine War: रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद कई सारे भारतीय छात्र वहां फंस गए हैं और भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं. इसी बीच भारत के पंजाब के अमृतसर की रहने वाली एक छात्रा ने एक वीडियो शेयर की है. वीडियो में कई सारे भारतीय छात्र दिख रहे हैं, जिन्होंने तहखाने के अंदर शरण ली है. ये सभी छात्र अपने छात्रावास के एक तहखाने के अंदर हैं और काफी डरे हुए हैं. शेयर की गई ये वीडियो यूक्रेन के खार्किव की है और यहां पर 500 से अधिक छात्र फंसे हुए हैं.
ये भी पढ़ें- 'डियर पुतिन, अगर मैं आपकी मां होती.....'- रूसी राष्ट्रपति पर वीडियो बनाकर ट्रोल हो गई ये एक्ट्रेस
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
इसी तरह से यूक्रेन में रूस की सीमा से लगे सूमी शहर में भी काफी भारतीय फंसे हुए हैं. यहां रूसी सैनिकों के कब्जे के बाद कम से कम 400 भारतीय छात्रों ने एक तहखाने में शरण ली है और भारत सरकार से उन्हें निकालने की अपील की है. इनमें अधिकतर सूमी स्टेट मेडिकल कॉलेज के छात्र हैं. उन्होंने कहा कि बाहर गोलियों की आवाजें सुनाई देने के कारण उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है. छात्र ललित कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘ इस वक्त हम अपने छात्रावास के तहखाने में छिपे हुए हैं और हमें नहीं पता कि यहां हम कब तक सुरक्षित रह पाएंगे. हम भारत सरकार से हमें यूक्रेन के पूर्वी इलाके से सुरक्षित निकालने की अपील करते हैं.''
उन्होंने कहा, ‘‘ अपने आप यात्रा करना संभव नहीं है. यहां मार्शल लॉ लागू है, जिसका मतलब है कि कोई बाहर नहीं जा सकता, कार, बस और निजी वाहन नहीं निकल सकते. एटीएम और सुपर मार्केट भी बंद हैं.''
छात्रों ने उस तहखाने का वीडियो भी साझा किया जहां वे छिपे हुए हैं. कुमार ने कहा, ‘‘ हमारे पास यहां ज्यादा सामान नहीं है कि हम लंबे समय तक यहां नहीं टिक पाएंगे. भारत सरकार हमारी आखिरी उम्मीद है....हम अपने देश वापस जाना चाहते हैं और अपने लोगों से मिलना चाहते हैं. हमारी मदद कीजिए.''
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं