विज्ञापन

भारत और यूरोप का खुलेगा व्यापार, ट्रंप टैरिफ का टेंशन घटेगा- ट्रेड डील से क्या बदलेगा? 10 प्वाइंट में समझें

India- EU FTA Explained: PM मोदी भारत-EU शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे.

भारत और यूरोप का खुलेगा व्यापार, ट्रंप टैरिफ का टेंशन घटेगा- ट्रेड डील से क्या बदलेगा? 10 प्वाइंट में समझें
India- EU FTA Explained: भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौता क्यों अहम, समझें
  • भारत और EU 27 जनवरी को ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर साइन करेंगे, जो द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करेगा
  • समझौता व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है
  • भारत-ईयू समझौते के तहत 90 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क कम या समाप्त किए जाएंगे

India- EU FTA Explained: आखिरकार वो दिन आ गया है. भारत और यूरोपियन यूनियन मंगलवार, 27 जनवरी को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा करने वाले हैं. PM मोदी भारत-EU शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे. यहीं पर डील पर मुहर लगेगी. उम्मीद है कि इस FTA के जरिए दोनों पक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से पैदा हुए अनिश्चितताओं से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण तैयार करेंगे. चलिए आपको 10 प्वाइंट में इस मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ी हर बात बताते हैं.

  1. भारत और यूरोपियन यूनियन  के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते से कई क्षेत्रों में समग्र द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने में गुणात्मक बदलाव आने की उम्मीद है. आज की बैठक का व्यापक फोकस व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था (रूल बेस्ट वर्ल्ड ऑर्डर) को मजबूत करने पर होगा.
  2. दोनों पक्ष एक रक्षा ढांचा समझौते और एक रणनीतिक एजेंडे को दुनिया के सामने रखन के लिए भी तैयार हैं. नई साझेदारी ऐसे समय में हो रही है जब यूरोप अमेरिका और चीन पर अपनी निर्भरता कम करने और अन्य क्षेत्रों के साथ अपने राजनयिक और आर्थिक संबंधों को गहरा करने की कोशिश कर रहा है.
  3. PM मोदी भारत-EU शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे. बता दें कि कोस्टा और वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में कार्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए हैं.
  4. वॉन डेर लेयेन ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक "ऐतिहासिक व्यापार समझौते" के बेदह करीब हैं, जो दो अरब लोगों का एक बाजार तैयार करेगा. भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी सोमवार को यह जानकारी दी भारत और EU ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए आधिकारिक स्तर की बातचीत पूरी कर ली है.
  5. भारत और यूरोपियन यूनियन 2004 से रणनीतिक साझेदार रहे हैं. प्रस्तावित सुरक्षा और रक्षा साझेदारी (एसडीपी) दोनों पक्षों के बीच गहन रक्षा और सुरक्षा सहयोग की सुविधा प्रदान करेगी. यह भारतीय कंपनियों के लिए EU के SAFE (यूरोप के लिए सुरक्षा कार्रवाई) कार्यक्रम में भाग लेने के रास्ते खोलेगा. SAFE यूरोपियन यूनियन का 150 बिलियन यूरो का वित्तीय साधन है जिसे सदस्य देशों को रक्षा तैयारी में तेजी लाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
  6. यूरोपियन यूनियन और भारत ने पहली बार 2007 में मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू की थी. लेकिन दोनों उससे क्या चाहते हैं, इसमें बड़ा फासला था. इसके कारण 2013 में वार्ता निलंबित कर दी गई थी. इसके बाद जून 2022 में वार्ता फिर से शुरू की गई. 
  7. शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों के रूस-यूक्रेन युद्ध सहित गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने की संभावना है. भले दोनों पक्ष हर बात पर एक-दूसरे से सहमत नहीं हैं, लेकिन प्रमुख मुद्दों पर दोनों के मत एक भी हैं जिसमें एक स्थिर वर्ल्ड ऑर्डर शामिल है. पिछले कुछ सालों में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंध मजबूत हुए हैं. यूरोपियन यूनियन, एक गुट के रूप में, माल (गुड्स) के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. 
  8. अब सवाल कि EU के साथ यह मुक्त व्यापार समझौता भारत के लिए क्यों अहम है. इस समझौते के तहत दोनों पक्ष आपसी व्यापार वाली 90 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क को कम या समाप्त करेंगे. कपड़ा और फुटवियर जैसे श्रम प्रधान क्षेत्रों के उत्पादों पर शुल्क पहले ही दिन से समाप्त हो सकता है, जबकि कुछ अन्य वस्तुओं पर इसे पांच से दस वर्षों में चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा. यह समझौता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ ने वैश्विक व्यापार प्रवाह को प्रभावित किया है. भारत वर्तमान में अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ का सामना कर रहा है.
  9. माना जा रहा है कि यह FTA भारतीय निर्यातकों को अपने बाजार विविधीकरण और चीन पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा. भारत इस समझौते के जरिए अपने कपड़ा, चमड़ा और हथकरघा जैसे क्षेत्रों के लिए शून्य-शुल्क बाजार पहुंच की तलाश में है. दूसरी ओर, यूरोपीय संघ अपने ऑटोमोबाइल निर्यात, वाइन और हाई-टेक विनिर्माण क्षेत्रों के लिए भारतीय बाजार में अधिक पहुंच चाहता है. 
  10. आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा है कि भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता घरेलू उद्योगों के लिए खतरा बनने के बजाय लागत कम करने और व्यापार विस्तार में सहायक होगा. भारत और यूरोपियन यूनियन एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार हैं.

 यह भी पढ़ें: भारत-ईयू के बीच आज 'मदर ऑफ ऑल डील्‍स', रंग लाई 18 साल की कोशिश, जानें क्‍या हो सकता है सस्‍ता

लेखक के बारे में
img
Ashutosh Kumar Singh
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India-EU Free Trade Deal, India EU Free Trade Agreement, FTA
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com