
कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव की फाइल फोटो
इस्लामाबाद:
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गुरुवार को कहा कि कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव के मामले में नई सरकार कोई सख्त फैसला ले सकती है. उन्होंने जाधव को फांसी दिए जाने का संकेत भी दिया. जियो समाचार की खबर के मुताबिक, कुरैशी ने मुल्तान में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "हम प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे. मुल्क को तैयार रहना चाहिए, क्योंकि हम कुछ सख्त फैसले लेने जा रहे हैं."
फिर इसके बाद ये पूछें कि कौन दुश्मन है...
मंत्री ने आशा जताई कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में यह मुकदमा जीतेगा, जिसकी सुनवाई फरवरी, 2019 में एक सप्ताह तक होगी. आईसीजे द्वारा फरवरी 2019 में जाधव मामले की सुनवाई एक हफ्ते तक चलने की घोषणा के अगले दिन कुरैशी की यह टिप्पणी आई है.
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उन्होंने कहा, "हमारे पास जाधव के खिलाफ ठोस सबूत हैं और हमें आशा है कि हम आईसीजे में जीत हासिल करेंगे. हम अईसीजे के समक्ष प्रभावी तरीके से अपनी दलील पेश करने का प्रयास करेंगे." जाधव को एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जासूसी के लिए अप्रैल, 2017 में फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके बाद भारत ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था. 10 सदस्यीय आईसीजे पीठ ने मामले के विचाराधीन होने तक पाकिस्तान से जाधव को फांसी न देने को कहा था.
क्या नए दौर में सुधरेंगे भारत-पाक रिश्ते?
पाकिस्तान ने कहा कि जाधव कोई साधारण व्यक्ति नहीं है, क्योंकि वह देश में जासूसी के इरादे से घुसा था और उसने बलूचिस्तान में कई गड़बड़ी वाली गतिविधियां की थीं. भारत ने हालांकि सभी आरोपों को नकार दिया था. पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, जाधव को तीन मार्च, 2016 को अवैध रूप से ईरान के रास्ते पाकिस्तान में घुसने पर गिरफ्तार किया गया था, जबकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि जाधव का ईरान से अपहरण कर इच्छा के खिलाफ उसे पाकिस्तान ले जाया गया था.
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मंत्री ने आशा जताई कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में यह मुकदमा जीतेगा, जिसकी सुनवाई फरवरी, 2019 में एक सप्ताह तक होगी. आईसीजे द्वारा फरवरी 2019 में जाधव मामले की सुनवाई एक हफ्ते तक चलने की घोषणा के अगले दिन कुरैशी की यह टिप्पणी आई है.
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पाकिस्तान ने कहा कि जाधव कोई साधारण व्यक्ति नहीं है, क्योंकि वह देश में जासूसी के इरादे से घुसा था और उसने बलूचिस्तान में कई गड़बड़ी वाली गतिविधियां की थीं. भारत ने हालांकि सभी आरोपों को नकार दिया था. पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, जाधव को तीन मार्च, 2016 को अवैध रूप से ईरान के रास्ते पाकिस्तान में घुसने पर गिरफ्तार किया गया था, जबकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि जाधव का ईरान से अपहरण कर इच्छा के खिलाफ उसे पाकिस्तान ले जाया गया था.
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