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'न्यूक्लियर युद्ध होने वाला था', ट्रंप ने 2025 की भारत‑पाक लड़ाई रोकने को बताया अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि 2025 में भारत‑पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान उन्होंने संभावित “न्यूक्लियर टकराव” रोकने में भूमिका निभाई. व्हाइट हाउस ने इसे उनकी बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया. भारत ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि युद्धविराम पूरी तरह द्विपक्षीय बातचीत का परिणाम था और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई.

'न्यूक्लियर युद्ध होने वाला था', ट्रंप ने 2025 की भारत‑पाक लड़ाई रोकने को बताया अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान उन्होंने संभावित 'न्यूक्लियर युद्ध' को टालने में अहम भूमिका निभाई थी. व्हाइट हाउस ने भी अपनी वार्षिक उपलब्धियों की सूची में भारत‑पाकिस्तान युद्धविराम को ट्रंप प्रशासन की 'महत्वपूर्ण विदेश नीति सफलताओं' में गिना है.

ट्रंप का दावा: मैंने 10 महीनों में आठ युद्ध खत्म किए 

पहले वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों पर व्हाइट हाउस में मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मैंने 10 महीनों में आठ ऐसे युद्ध खत्म किए जिनका अंत असंभव माना जाता था. पाकिस्तान और भारत एक‑दूसरे पर हावी हो रहे थे. आठ विमान गिराए गए. मेरी राय में वे न्यूक्लियर वॉर की तरफ बढ़ रहे थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने यहां आकर कहा कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने एक करोड़ से ज्यादा लोगों की जान बचाई.' ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी चेतावनियों और दबाव के कारण दोनों देश पीछे हटे.

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व्हाइट हाउस का बयान: 365 दिनों में 365 जीत

व्हाइट हाउस ने '365 Wins in 365 Days' शीर्षक से जारी विस्तृत बयान में दावा किया कि ट्रंप ने सुरक्षा, सीमा नियंत्रण, अपराध में कमी, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में 'परिवर्तनकारी परिणाम' दिए हैं. विदेश नीति की सूची में भारत‑पाकिस्तान युद्धविराम को दक्षिण एशिया में ट्रंप प्रशासन की प्रमुख उपलब्धि बताया गया.

भारत का स्पष्ट इनकार: किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं

भारत ने ट्रंप के दावों को एक बार फिर खारिज कर दिया है. भारत का कहना है कि मई 2025 में तनाव कम करने और युद्धविराम लागू करने में कोई भी तीसरा पक्ष शामिल नहीं था. भारत का आधिकारिक रुख है कि अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों ने सीधे संवाद से स्थिति को नियंत्रित किया और युद्धविराम लागू हुआ.

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ट्रंप फिर नाराज कि नोबेल पुरस्कार नहीं मिला

ट्रंप ने अपने संबोधन में नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर भी नाराज़गी व्यक्त की. उन्होंने कहा, 'मुझे हर युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए था. लेकिन मैं यह कहता नहीं. मैंने लाखों लोगों की जान बचाई. नॉर्वे ही सब फैसले करता है… उन्होंने मुझे नहीं दिया, जबकि मैं डिज़र्व करता हूं'

ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव चरम पर

आपको बता दें कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों परमाणु देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ा था. भारत ने पाकिस्तान और PoK में कई आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया और सीमा पर बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती हुई. इसी दौरान ट्रंप ने पहली बार दावा किया था कि अमेरिका के दखल से संघर्ष रुका.

जहां व्हाइट हाउस और ट्रंप इसे बड़ी कूटनीतिक जीत बताते हैं, वहीं भारत बार‑बार साफ कर चुका है कि 2025 का युद्धविराम केवल भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बातचीत का नतीजा था, किसी बाहरी मध्यस्थता का नहीं.

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