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हिंद महासागर में कैसे हुआ अमेरिका का ईरानी युद्धपोत पर हमला? क्या हुआ, कब हुआ, जानें अब तक के बड़े अपडेट्स

US Navy Attack on Iranian Warship: ईरानी नौसेना का युद्धपोत आइरिस देना हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बी से किए गए टारपीडो हमले का शिकार हो गया. इस पोत में 180 नाविक और चालक दल के सदस्य सवार थे.

हिंद महासागर में कैसे हुआ अमेरिका का ईरानी युद्धपोत पर हमला? क्या हुआ, कब हुआ, जानें अब तक के बड़े अपडेट्स
torpedo attack on iranian warship by us navy in indian ocean
गाले:

Torpedo Attack: अमेरिकी नौसेना ने बुधवार को युद्ध के पांचवें दिन ईरान को भयंकर चोट दी. अमेरिकी नेवी की एक पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमले में ईरान का एक युद्धपोत हिंद महासागर में डुबो दिया. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली ऐसी घटना है, जब किसी टॉरपीडो हमले में किसी नेवी शिप को डुबोया गया हो. ईरान का मौदगे श्रेणी का युद्धपोत श्रीलंका के गाले बंदरगाह से लगभग 40 समुद्री मील दूर डूब गया. ईरानी पोत का नाम IRIS Dena बताया गया है. इस युद्धपोत पर 180 लोग सवार थे.ये पोत 18 से 25 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित नौसैनिक अभ्यास में भाग लेकर लौट रहा था. 

श्रीलंकाई नेवी को इमरजेंसी सिग्नल मिला

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी श्रीलंका के गाले से लगभग 40 समुद्री मील (75 किमी) दूर स्थित फ्रिगेट आइरिस देना के साथ बुधवार को सुबह 6 बजे के करीब ये घटना घटी. इसके बाद श्रीलंकाई नौसेना को आपातकालीन संदेश भेजा गया. ईरानी फ्रिगेट पिछले महीने पूर्वी भारत के तटीय शहर विशाखापत्तनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के बाद लौट रहा था.

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Torpedo Attack

Torpedo Attack

180 में 32 लोगों को बचाया गया, सर्च ऑपरेशन जारी

ईरान के खिलाफ चल रहे व्यापक सैन्य कार्रवाई के बीच हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया. बुधवार को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हिंद महासागर में 180 लोगों के दल वाला ये ईरानी पोत डूब गया.  श्रीलंका नौसेना ने 32 लोगों को बचाया और दक्षिणी बंदरगाह शहर गाले के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. नौसेना और वायु सेना शेष चालक दल को निकालने के लिए संयुक्त बचाव अभियान चलाया.

जहाज डूबा, शव उतराते दिखे

श्रीलंकाई नौसेना को सुबह एक ईरानी पोत से संकटकालीन कॉल मिली थी और उसने श्रीलंकाई वायु सेना को सूचित किया. इसके बाद दोनों ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया.घटनास्थल पर पहुंची बचाव नौकाओं को जहाज नहीं दिखा और उन्हें केवल तेल का रिसाव ही दिखाई दिया. यह घटना श्रीलंकाई जलक्षेत्र से बाहर हुई.श्रीलंका नौसेना के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपथ ने बताया कि घटनास्थल के पास समुद्र से शव बरामद किए गए हैं.

नौसेना अभ्यास में हिस्सा लिया

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्धपोत ने 'मिलान' नाम के बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया था. यह अभ्यास भारत के पूर्वी तट से दूर बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया था. IRIS या इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिप ईरानी नौसैनिक जहाजों के लिए इस्तेमाल होने वाला नाम है. IRINS या इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान नेवल शिप का इस्तेमाल भी कभी-कभी किया जाता है.

ईरान के अधिकारी संपर्क में 

कोलंबो स्थित ईरानी दूतावास के एक अधिकारी ने बताया कि दो अधिकारियों को गाले भेजा गया है ताकि वे बचे हुए लोगों से बात करके यह पता लगा सकें कि जहाज पर क्या हुआ होगा.यह युद्धपोत ऐसे समय डूबा है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर लगातार पांचवें दिन हवाई हमले किया. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और दर्जनों स्कूली छात्राओं सहित लगभग 800 अन्य लोग मारे जा चुके हैं. 

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