
एनआरआई के लिए प्रतीकात्मक फोटो
वाशिंगटन:
अमेरिका में रह रहे प्रवासी भारतीय भारत के ग्रामीण इलाकों को विकसित करने के प्रयासों के तहत देश के 500 गांवों को गोद लेंगे. इस संबंधी घोषणा एक जुलाई को सिलिकॉन वैली में ‘बिग आइडियाज फार बेटर इंडिया’ सम्मेलन के दौरान की जाएगी.
बयान में कल कहा गया कि ओवरसीज वालंटियर फॉर बेटर इंडिया (ओवीबीआई) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर प्रधान व्याख्यान देंगे. इस समारोह में 1000 से अधिक प्रभावशाली प्रवासी भारतीय नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है.
ओवीबीआई अध्यक्ष सतेज चौधरी ने बताया कि किसानों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं, बेरोजगारी की उच्च दर और तत्काल सहयोग की आवश्यकता के आधार पर इन 500 गांवों का चयन किया गया है.
उन्होंने कहा, ‘‘हम वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने में मदद करने के लिए भूवैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और उद्यमियों को साथ ला रहे हैं.’’ इस समारोह में भारत में कृषि, शासन एवं मानव तस्करी संबंधी सबसे चुनौतीपूर्ण समस्याओं से निपटने पर चर्चा की जाएगी.
ओवीबीआई ने पिछले साल एक जल सम्मेलन आयोजित किया था और नदी पुनरद्धार परियोजनाओं पर काम कर रही ऑर्ट ऑफ लिविंग टीम के साथ अमेरिका के कई विशेषज्ञों को सफलतापूर्वक जोड़ा था.
बयान में कल कहा गया कि ओवरसीज वालंटियर फॉर बेटर इंडिया (ओवीबीआई) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर प्रधान व्याख्यान देंगे. इस समारोह में 1000 से अधिक प्रभावशाली प्रवासी भारतीय नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है.
ओवीबीआई अध्यक्ष सतेज चौधरी ने बताया कि किसानों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं, बेरोजगारी की उच्च दर और तत्काल सहयोग की आवश्यकता के आधार पर इन 500 गांवों का चयन किया गया है.
उन्होंने कहा, ‘‘हम वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने में मदद करने के लिए भूवैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और उद्यमियों को साथ ला रहे हैं.’’ इस समारोह में भारत में कृषि, शासन एवं मानव तस्करी संबंधी सबसे चुनौतीपूर्ण समस्याओं से निपटने पर चर्चा की जाएगी.
ओवीबीआई ने पिछले साल एक जल सम्मेलन आयोजित किया था और नदी पुनरद्धार परियोजनाओं पर काम कर रही ऑर्ट ऑफ लिविंग टीम के साथ अमेरिका के कई विशेषज्ञों को सफलतापूर्वक जोड़ा था.
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