- नेपाल में बाढ़ के कारण आम लोग, पुलिस और सेना लापता लोगों तथा शवों की तलाश में जुटे हुए हैं
- बाढ़ पीड़ित ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हैं और कई लोग अपने जर्जर घरों की छत पर मदद का इंतजार कर रहे हैं
- बचाव दल हेलीकॉप्टर के माध्यम से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रहा है
एक बाढ़ कितना नुकसान पहुंचा सकती है इसका उदाहरण नेपाल बन गया है. आम लोगों से लेकर पुलिस और सेना तक बस ढूंढ रहे है. कोई लापता लोगों को ढूंढ रहा है तो कोई शव. कोई रुपया-पैसा और काम का सामान ढूंढ रहा है तो कोई घर की छत पर मदद का इंतजार कर रहा है. हर नजर बस तलाश में है. तलाश अपनों की और मदद करने वालों की. मगर इस बीच भी नेपाल के लोगों का हौसला नहीं टूटा है.
हर किसी को है तलाश
एनडीटीवी की टीम नेपाल के बाढ़ वाले इलाके में जगह-जगह घूम रही है. ज्यादातर लोग ऊंचाई वाली जगहों पर चले गए हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके घर इस बाढ़ में बच गए हैं, वो अपने जर्जर घर में ही बैठे हैं. खतरा उनके घर पर भी है, मगर जाएं तो जाएं कहां. घर की छत और बालकनी से राह तक रहे हैं कि कोई मदद मिले. कुछ खाने-पीने का सामान या फिर दवाइयां. ऊंचाई पर जाने वाले लोग भी बिना घर-बार के ऐसे ही घूम रहे हैं. कुछ मिल जाता है तो खा लेते हैं, नहीं तो दोस्तों और परिवार वालों के साथ बाढ़ में बह रही चीजों को ढूंढ रहे हैं. पानी सब कुछ बहा ले गई है, मगर काफी कुछ पहुंचा भी गई है.
डर पर भारी है उम्मीद
एनडीटीवी को एक नौजवानों का समूह मिला जो बाढ़ में बहकर एक बाइक को मिट्टी से निकालता नजर आया. बाइक दिखते ही सब उस ओर भागे. मिट्टी से बाइक निकालते ही सब खुश हो गए. दूर खड़े साथी पूछने लगे कौन सी बाइक है? बाइक चालू होने की हालत में तो थी नहीं, तो उसे साफ कर धक्का देते हुए सब लेते गए. ऐसे ही बहुत सारे लोग बाढ़ के बाद गाद में बिखरे सामान को ढूंढ रहे हैं. कई ऐसे भी हैं, जिनके अपने परिवार के लोग बाढ़ में बह गए हैं. वो उनकी तलाश में इधर से उधर भटक रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि शायद उनके अपने बाढ़ का पानी कम होने का इंतजार कर रहे हों.
जिंदगी के लिए संघर्ष
नेपाल की सेना और पुलिस भी बचाव अभियान में जुटी हुई है. हेलीकॉप्टर के जरिए भी कई लोगों को मुश्किल जगहों से निकाला जा रहा है. एक ऐसा ही बचाव अभियान एनडीटीवी के कैमरे में कैद हुआ. सेना का एक हेलीकॉप्टर एक व्यक्ति को रस्सी से लटकाए हुए आया और उसे एक मकान की छत पर उतार दिया. वहीं बाढ़ के पानी में बह गई एक बच्ची को बचाव कर्मी अपनी पीठ पर बैठाकर सुरक्षित स्थान ले जाता हुआ दिखाई दिया. बच्ची के पैर कीचड़ से सने हुए थे और उसे देखकर साफ समझ आ रहा था कि उसने काफी समय से कुछ खाया-पिया नहीं है. बचाव कर्मी के पीठ पर बैठे-बैठे वो भी अपने अपनों की तलाश कर रही थी.मगर शायद उसे अपने माता-पिता नजर नहीं आ रहे थे.तो कुल-मिलाकर नेपाल के लोगों की जिंदगी ऐसे ही कट रही है. बेघर, भूखे और घायल मगर जिंदगी के लिए लड़ते हुए.
यह भी पढ़ें-
जहां मोहन भागवत देंगे आज भाषण, उस मैडिसन स्क्वायर गार्डन कॉम्प्लेक्स में क्या है खास
प्राचीन ग्रीस में एलिट क्लास के लोग स्पेस से गिरे मेटल की जूलरी पहनते थे, खोज में खुलासा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं