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छोटे भूकंप ने नेपाल का ये हाल किया, हिमालय में चीन बना रहा दुनिया का सबसे बड़ा बांध, ये साबित होगा वॉटर बम?

तिब्बत के केरुंग क्षेत्र में बाढ़ स्थानीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे और नेपाली समयानुसार लगभग 8:15 बजे आ चुकी थी. आरोप है कि चीन की ओर से कोई आधिकारिक पूर्व चेतावनी जारी नहीं की गई.

छोटे भूकंप ने नेपाल का ये हाल किया, हिमालय में चीन बना रहा दुनिया का सबसे बड़ा बांध, ये साबित होगा वॉटर बम?
नेपाल में जल प्रलय
IANS

Nepal Flood News: नेपाल में अचानक आए सैलाब की वजह से कम से कम 94 लोगों की मौत हो गई. नेपाल के कई जिलों में भारी तबाही देखी गई है. इस बीच कैलाश मानसरोवर जा रहे सैकड़ों तीर्थयात्री भी लापता हैं. अचानक आई बाढ़ के बाद अब चीन के कारनामों पर सवाल उठने लगा है. जानकार इस बात को लेकर संशय में हैं कि हिमालयी इलाके में चीन लगातार प्रकृति के मिजाज के उलट काम कर रहा है. 

भू-राजनीतिक विश्लेषक और 'वाटर: एशियाज न्यू बैटलग्राउंड' किताब के लेखक डॉ ब्रह्मा चेलानी ने कहा, "हिमालय दुनिया की सबसे ज्यादा भूकंप के लिहाज से एक्टिव बड़ी पहाड़ी रेंज है, जहां खतरनाक भूकंप आने का रिकॉर्ड है. कैसे एक मामूली भूकंप की घटना भी बड़े पैमाने पर असर डाल सकती है, यह आज तब दिखा जब तिब्बत-नेपाल बॉर्डर पर 4.4 मैग्नीट्यूड के भूकंप ने तबाही मचा दी, जिसमें अचानक आई बाढ़ ने नेपाली गांवों को बहा दिया."

उन्होंने कहा, "इससे हिमालय के भूकंप वाले जोन के बीच में दुनिया का सबसे बड़ा डैम बनाने की चीन की बेवकूफी पर दुनिया का ध्यान फिर से जाएगा. यह प्रोजेक्ट, जो भारत-तिब्बत बॉर्डर के पास है, एक वॉटर बम बनने वाला है, जो भारत के नॉर्थ-ईस्ट को डुबो सकता है और आगे बांग्लादेश में तबाही मचा सकता है." 

वैज्ञानिक में दे चुके हैं चेतावनी

'सेडिमेंट्री जियोलॉजी एंड टेथियन जियोलॉजी' जर्नल में प्रकाशित एक हालिया स्टडी को 'चेंगदू यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी' और 'चाइना जियोलॉजिकल सर्वे' के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है. इसमें कहा गया है कि चीन जब तिब्बत में डैम बनाएगा तो डैम के जलाशय में अरबों लीटर पानी भरेगा, तो पानी के लंबे समय तक रिसाव और दबाव के कारण पहाड़ों के ढलान अचानक दरक सकते हैं. जरा सी भूकंपीय हलचल भी विशालकाय भूस्खलन और तबाही ला सकती है. 

इतना ही नहीं, यह इलाका पहले से ही हिमालयी भूकंपीय क्षेत्र में आता है. साल 2017 में तिब्बत के मिलिन में आया 6.9 तीव्रता का भीषण भूकंप इसी फॉल्ट लाइन के उत्तरी सिरे पर हुआ था. जो इस बात का सबूत है कि यह क्षेत्र कभी भी बड़े भूकंप से दहल सकता है.

स्टडी के मुताबिक, सक्रिय पाईझेन फॉल्ट लाइन हिमयुग (प्लीस्टोसिन काल) से ही सक्रिय है और आज भी इसमें हलचल हो रही है. वैज्ञानिकों ने पाया कि 9,500 साल पहले भी इसमें बड़ी गतिविधि हुई थी.

इस इलाके की भूगर्भीय बनावट काफी कमजोर और ढीली है. फॉल्ट लाइन की वजह से आसपास की चट्टानों में दरारें आ चुकी हैं और उनकी मजबूती खत्म हो चुकी है.

'चीन खुद तबाही को न्योता दे रहा है'

विदेश मामलों के जानकार और चीन की गतिविधियों पर करीब से नजर रखने वाले रॉबिन्द्र सचदेव डैम बनाने पर खतरे की ओर इशारा करते हैं.

रॉबिन्द्र ने एनडीटीवी डिजिटल को बताया, "धरती के किसी हिस्से में अगर आप इतना पानी एक साथ जमा कर लेते हैं कि उसे संभालना मुश्किल हो जाए, तो इसके खतरे भी काफी सारे हैं. तिब्बत के इस हिस्से में पहले से कई डैम बनाए जा चुके हैं. ये इलाके हिमालय की तराई में हैं और अगर तराई का हिस्सा ही पानी से भरा हो और हिमालय पर कोई गहरा प्रभाव पड़े, तो फिर भूकंप के खतरे का अंदेशा लगातार बना रहता है. चीन ने इन चिंताओं को लेकर क्या कदम उठाए हैं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी तो नहीं है, लेकिन इस जगह डैम बनाने से भूकंप और प्राकृतिक आपदा का खतरा हमेशा मंडराता रहेगा."

उन्होंने कहा, "हमें यह भी समझना होगा कि हिमालयी क्षेत्र बहुत संवेदनशील है. जब आप एक एक्टिव फॉल्ट लाइन के ऊपर इतना भारी ढांचा खड़ा करते हैं और अरबों टन पानी का कृत्रिम दबाव बनाते हैं, तो आप खुद तबाही को न्योता दे रहे होते हैं. अगर किसी दिन बड़ा भूकंप आता है और यह डैम क्षतिग्रस्त होता है, तो निचले इलाकों यानी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और बांग्लादेश में ऐसा जलजला आएगा जिसकी भरपाई कर पाना नामुमकिन होगा. चीन आर्थिक और तकनीकी ताकत के घमंड में भूगर्भीय चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहा है, जो पूरे दक्षिण एशिया के लिए एक टिकिंग टाइम बम साबित हो सकता है."

चिंता की बात यह है कि चीन की सरकारी संस्थाओं से जुड़े वैज्ञानिकों ने खुद अपनी ही सरकार और इंजीनियरों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि केवल डैम बना देना काफी नहीं होगा, बल्कि निर्माण के दौरान ढलानों को मजबूत करना, चट्टानों को खिसकने से रोकने के लिए रिटेनिंग बैरियर बनाना और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करना बेहद जरूरी है. लेकिन चीन इस चेतावनी को नजरअंदाज करता दिखता है.

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