- ईरान ने कहा कि कतर ने मार्च से लापता तीन पायलटों को हिरासत में रखा है और उनके अधिकारों का उल्लंघन किया है
- दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में नौ लोग मारे गए, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं और कई घायल हुए
- इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के कमांडर को मार गिराया, जबकि तीन इजरायली सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं
ईरान ने शनिवार को कहा कि कतर ने उसके तीन पायलटों को हिरासत में रखा है, जो मार्च से लापता थे. संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमला करने का आरोप लगाया. वहीं ईरान समर्थित हूतियों ने यमन में लाल सागर के एक बंदरगाह पर फिर से हमला किया. वहीं दक्षिणी लेबनान में, इजरायली हवाई हमलों में 11 लोग मारे गए. 20 जून को इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के बीच हुए कमजोर संघर्ष-विराम के बाद से ये हमले सबसे घातक हमलों में से एक थे.
पायलट वाला मामला क्या है
ईरान की आर्म्ड फोर्सेज जनरल स्टाफ की 'लापता लोगों की समिति' के अनुसार, कतर की सेना ने तीन पायलटों को हिरासत में ले रखा था. ये पायलट मार्च में तब लापता हो गए थे जब उनके जेट विमान गिरा दिए गए थे. अब तक तेहरान का कहना था कि उसे उनके हाल-चाल के बारे में कोई जानकारी नहीं है. शनिवार को जारी बयान में आरोप लगाया गया कि कतर ने इन लोगों के अधिकारों का उल्लंघन किया है. राजनयिक कोशिशों और बार-बार की गई पूछताछ के बावजूद, कतर ने इन कैदियों को उनके परिवारों या उनके मामलों को देख रहे ईरानी अधिकारियों से मिलने या बातचीत करने की इजाजत नहीं दी. कतर की ओर से इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
संयुक्त अरब अमीरात के टैंकर पर फिर हमला
अमीरात की सरकारी समाचार एजेंसी WAM ने शनिवार को बताया कि अबू धाबी की सरकारी तेल और गैस कंपनी ADNOC के एक टैंकर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया. एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार शाम हुए हमले में कोई घायल नहीं हुआ. पिछले हफ्ते इस अहम समुद्री रास्ते में ADNOC द्वारा चलाए जा रहे जहाज पर हुआ यह तीसरा हमला था. संयुक्त अरब अमीरात ने एक बयान में ईरान से बिना उकसावे के किए जा रहे इन हमलों को रोकने की अपील की.
लेबनान में इजरायली हमलों में 11 की मौत
शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि एक हमले में अंसार गांव के किनारे एक घर को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. दूसरे हमले में, जो देर अल-जहरानी गांव पर हुआ, दो लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए.
इजरायल के भी 3 सैनिक गंभीर रूप से घायल
इजरायली सेना ने कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में एक हेडक्वार्टर पर हिज्बुल्लाह के बटालियन कमांडर और कई अन्य चरमपंथियों को मार गिराया. यह कार्रवाई वहां तैनात इजरायली सैनिकों के खिलाफ समूह की गतिविधियों के जवाब में की गई थी. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक अलग बयान में कहा कि तीन सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए. सेना ने कहा कि कमांडर का परिवार उसके साथ था, और इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए कि परिवार के सदस्य हमले का निशाना नहीं थे. सेना और नेतन्याहू के कार्यालय, दोनों ने आरोप लगाया कि कमांडर ने परिवार के सदस्यों का इस्तेमाल 'ह्यूमन शील्ड' (मानव ढाल) के तौर पर किया था.
हूतियों ने लाल सागर में किया हमला
वहीं यमन की सेना ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने रेड सी (लाल सागर) में मोखा बंदरगाह पर हमला किया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण में है. बंदरगाह के डायरेक्टर अब्दुल-मलिक अल-शराबी ने पत्रकारों को बताया कि शुक्रवार शाम हुए इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो मरीन भी शामिल थे. सेना के प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नाजिली ने एक बयान में कहा कि हूती विद्रोहियों ने छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. सरकार के कब्जे वाले इलाकों और पड़ोसी देश सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का यह हमला हालिया घटनाओं में से एक है. यह तनाव बढ़ने का संकेत है, जिससे यमन के फिर से गृहयुद्ध में धंसने का खतरा पैदा हो गया है.
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