- ईरान समर्थित इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक समूह ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या पर दस मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया
- ट्रंप ने 2020 के ड्रोन हमले का सार्वजनिक रूप से बचाव किया और इसे ईरान पर दबाव डालने वाला कदम बताया
- अबू महदी अल-मुहंदिस के परिवार ने इराकी प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना की और ट्रंप के डर को उजागर बताया
ईरान के समर्थन वाले मिलिशिया ग्रुप 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' (IRI) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए 10 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की है. ग्रुप का दावा है कि यह 2020 में हुए उस अमेरिकी ड्रोन हमले का बदला है, जिसमें ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी मिलिशिया नेता अबू महदी अल-मुहांदिस मारे गए थे.
ईरान के 'प्रेस टीवी' के अनुसार, ग्रुप ने कहा कि यह पैसा उसके सदस्यों और समर्थकों से मिले चंदे से इकट्ठा किया गया है. 16 जुलाई के एक बयान में, ग्रुप ने कहा कि वह यह इनाम उस व्यक्ति को देगा, जो ट्रंप को मारता है, या दूसरों को ऐसा करने का निर्देश देता है, या एक व्यक्ति, समूह, संगठन या संस्था के तौर पर इसमें मदद करता है.
क्यों मारना चाहता है ये संगठन
समूह ने सुलेमानी और अल-मुहंदिस की मौत के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया और लोगों, समूहों और संगठनों से उनकी हत्या करने या उसमें मदद करने को कहा. यह घोषणा तब हुई जब ट्रंप ने इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ व्हाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान 2020 के ड्रोन हमले का सार्वजनिक रूप सेजिक्र किया. बैठक के दौरान, ट्रंप ने उस ऑपरेशन का बचाव किया जिसमें सुलेमानी और मुहंदिस मारे गए थे. अरब समाचार आउटलेट 'अशर्क अल-अवसत' के अनुसार, ट्रंप ने कहा, "मैंने अपने पहले कार्यकाल में उसे मार डाला था. अगर मैंने ऐसा नहीं किया होता, तो आज कहानी कुछ और होती... असल में मुझे लगता है कि ईरान के नेता सुलेमानी से डरते थे."
परिवार ने बुधवार को एक बयान में कहा, "जो कोई भी अपने देश के गौरवशाली अतीत से खुद को दूर करता है, वह अपने राष्ट्र की जड़ों से अपना नाता तोड़ लेता है, और जिसका अतीत झूठ से भरा हो, वह भविष्य का नेतृत्व करने के लायक नहीं होता." यह ताजा धमकी तब आई है जब ट्रंप 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान कई बार जानलेवा हमलों से बाल-बाल बचे हैं.
ट्रंप पर कई बार हो चुके हैं हमले
सबसे गंभीर घटना 13 जुलाई, 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान हुई, जब एक बंदूकधारी ने गोली चलाई और गोली ट्रंप के कान को छूकर निकल गई. कुछ हफ्ते बाद, फ्लोरिडा में ट्रंप के गोल्फ कोर्स के पास हत्या की एक और कथित साज़िश नाकाम कर दी गई; वहां गोली चलने से पहले ही सीक्रेट सर्विस एजेंटों के दखल के बाद अधिकारियों ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया. अमेरिकी अभियोजकों ने अलग-अलग मामलों में यह भी आरोप लगाया है कि ईरान से जुड़े लोगों ने सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए ट्रंप की हत्या करने के मकसद से लोगों को भर्ती करने की कोशिश की थी. ईरान ने इन कथित साजिशों में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इन्कार किया है.
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