- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के दौरान हथियारों की कमी की खबरों को सिरे से खारिज किया है और नाराजगी जताई है
- वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में रक्षा मंत्री से हथियारों की कमी पर जवाब मांगा था
- रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आरोपों से बचाव करते हुए इस मामले की जिम्मेदारी अपने डिप्टी पर डालने की कोशिश की थी
क्या ईरान जंग के बीच अमेरिका के हथियार खत्म हो गए हैं? क्या इस कमी के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच तू-तू मैं-मैं होने लगी है? ठीक यही खबरें अंदरखाने से मिली जानकारियों के आधार पर अमेरिकी अखबार छाप रहे हैं और इसने ट्रंप की परेशनी बढ़ा दी है, ईरान से समझौते की कोशिश में उनके हाथ को कमजोर कर दिया है. ऐसे में ट्रंप ने उन खबरों पर नाराजगी जताई है, जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका के पास जरूरी हथियार और गोला-बारूद कम पड़ रहे हैं. ट्रंप ने तो यह जानकारी लीक करने वाले अधिकारियों को लंबी जेल की सजा देने की धमकी भी दी.
अब दुनिया को समझाने में लगे ट्रंप- बहुत हथियार है
अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को दावा किया कि अमेरिका के पास गोला-बारूद की बहुत बड़ी मात्रा है. उन्होंने कहा कि नए हथियार बनाए जा रहे हैं और उन्हें इस इलाके में भेजा जा रहा है. इसी दौरान उन्होंने मीडिया पर भी हमला बोला. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "रक्षा कंपनियां हमारे देश के इतिहास में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां और प्लांट बना रही हैं." हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन-से हथियार बनाए जा रहे हैं और इसके समर्थन में कोई सबूत भी नहीं दिया.

यह खबर सामने आने के बाद ट्रंप नाराज हैं. गुरुवार को ट्रंप ने गुस्से में मीडिया पर देशद्रोही बातें फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लिखा कि इन देशद्रोही जानकारियों को लीक करने वालों की तलाश की जा रही है. उन्हें लंबी जेल की सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी.
ट्रंप ने यह भी लिखा कि मैं पीट हेगसेथ के काम से बेहद खुश हूं.
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