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'जंग अब अंत के करीब', ट्रंप का बड़ा दावा; बोले- ईरान परमाणु हथियार बना लेता तो हमें 'सर-सर' बोलना पड़ता

ट्रंप ने ईरान के परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों को रोका, और कहा ईरान को दोबारा खड़ा होने में बीस साल लगेंगे. उन्होंने कहा कि अगर ईरान परमाणु हथियार बना लेता तो हमें 'सर-सर' बोलना है.

'जंग अब अंत के करीब', ट्रंप का बड़ा दावा; बोले- ईरान परमाणु हथियार बना लेता तो हमें 'सर-सर' बोलना पड़ता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे भीषण युद्ध को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब अपने अंत के बेहद करीब है. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि अगर उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का साहसिक फैसला न लिया होता, तो आज तेहरान परमाणु हथियारों से लैस हो चुका होता.

ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु बम होता, तो आज सबको वहां के हुक्मरानों को 'सर' कहकर बुलाना पड़ता और कोई भी ऐसा नहीं चाहता.

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम (सीजफायर) समझौते के चलते दुश्मनी और हमलों में थोड़ी कमी देखी जा रही है. हालांकि, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि भले ही युद्ध खत्म होने के करीब हो, लेकिन अमेरिका का काम अभी पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान को जो जख्म दिए हैं, उनसे उबरने और देश को दोबारा खड़ा करने में ईरान को कम से कम 20 साल का समय लगेगा.

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पाकिस्तान में चल रही है 'शांति' की गुप्त बातचीत

पिछले हफ्ते ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता बेनतीजा रही थी. ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान इस समय एक समझौता करने के लिए बेकरार हैं, क्योंकि युद्ध की तबाही ने उनकी कमर तोड़ दी है. ट्रंप ने कहा, "हम देखेंगे कि आगे क्या होता है. मुझे लगता है कि वे डील के लिए बेकरार हैं." 

राष्ट्रपति के इस बयान से साफ है कि अमेरिका अब ईरान को एक ऐसी संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर करना चाहता है जिससे उसके परमाणु कार्यक्रम पर हमेशा के लिए लगाम लग जाए. ट्रंप का मानना है कि उनके सैन्य दबाव ने ही ईरान को बातचीत की मेज पर आने को मजबूर किया है.

जंग की तबाही पर क्या कह रहे ट्रंप?

युद्ध की विभीषिका पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर वे आज अपने कदम पीछे खींच लेते हैं, तब भी ईरान को हुए नुकसान की भरपाई करना नामुमकिन जैसा होगा. उनके अनुसार, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है. हालांकि, ट्रंप के 'परमाणु बम' वाले दावे पर सवाल भी उठ रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) ने पहले भी कई बार कहा है कि उसे इस बात के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि ईरान वास्तव में परमाणु हथियार बना रहा था.

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चंदन सिंह राजपूत
Senior Sub Editor
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