- शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर दोनों गुट (उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे) ने अलग-अलग कार्यक्रम की तैयारी की है.
- लेकिन हालिया बगावत और नेताओं के तीखे बयानों के बाद स्थापना दिवस समारोह में बवाल का डर भी बना है.
- इसे लेकर मुंबई पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है. दूसरी ओर पूरे प्रदेश में सियासी तपिश महसूस की जा रही है.
Shiv Sena Foundation Day: महाराष्ट्र में सालों तक मराठी अस्मिता और हिन्दुत्व के बड़े चेहरे में शामिल रही बाला साहेब ठाकरे की पार्टी शिवसेना आज दो फाड़ में बंट चुकी है. उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों ने बगावत कर दी है. गुरुवार को दिल्ली में आयोजित बैठक में सभी सांसद गैरहाजिर रहे. बाद में इन्होंने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर शिंदे गुट के साथ विलय की मांग की. इस बीच आज शिवेसना की स्थापना के 60 साल पूरे हो रहे हैं. शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर दोनों गुट (उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे) ने अलग-अलग कार्यक्रम की तैयारी कर रखी है. लेकिन हालिया बगावत और नेताओं के तीखे बयानों के बाद स्थापना दिवस समारोह में बवाल का डर भी बना है. इसे लेकर मुंबई पुलिस ने अलर्ट जारी किया है.
मुंबई पुलिस ने संभावित टकराव को लेकर अलर्ट जारी किया
मुंबई पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने एक एडवाइजरी जारी कर 19 जून को होने वाले शिवसेना और शिवसेना (UBT) के 60वें स्थापना दिवस समारोह से पहले कानून-व्यवस्था से जुड़ी संभावित चिंताओं के बारे में चेतावनी दी है. पुलिस ने गोरेगांव और सायन में होने वाले कार्यक्रमों में दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच विरोध-प्रदर्शन, जवाबी प्रदर्शन और टकराव की संभावना जताई है और अधिकारियों को पूरे मुंबई में कड़ी निगरानी रखने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
६० वर्षे
— Shivsena - शिवसेना (@Shivsenaofc) June 19, 2026
जाज्वल्य हिंदुत्वाची
मराठी अस्मितेची
जनतेच्या दृढ विश्वासाची
महाराष्ट्र धर्म हिताची
शिवसेनेच्या ६० वा वर्धापन दिनाच्या तमाम शिवसैनिकांना शुभेच्छा !#Shivsena #EknathShinde #vardhapandin pic.twitter.com/NG2jKDzyHn
मैं शिवसेना को कांग्रेस नहीं बनने दूंगा... शिंदे गुट का टीजर
शिंदे गुट ने स्थापना दिवस कार्यक्रम का टीजर रिलीज किया. जिसमें बाल ठाकरे के पुराने-मशहूर बयानों के साथ— “मैं शिवसेना को कांग्रेस नहीं बनने दूँगा”, I am a mad, mad Hindu! शिवसेना लोकसभा गुट के नेता सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस का टीज़र रिलीज़ किया.
टीज़र के माध्यम से बाल ठाकरे के प्रखर हिंदुत्ववादी विचारों की याद दिलाई गई. बाल ठाकरे के बयानों के साथ टीज़र की शुरुआत हुई है. जिसमें कहा गया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली ही असली शिवसेना है, जहां न कोई मालिक है और न कोई नौकर, सभी सिर्फ कार्यकर्ता हैं की बात दोहराई गई.
ओमराजे निंबालकर बोले- अलग गुट वाले लेटर पर नहीं किए दस्तखत
सस्पेंस बढ़ाते हुए उद्धव के सांसद ओमराजे निंबालकर ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं के बाद सतर्कता बरतते हुए साफ किया है कि उन्होंने 'स्वतंत्र गुट स्थापित करने वाले पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं'. उन्होंने NDTV से कहा, "मैं पिछले 3 दिनों से पुणे में हूं. इस समय मेरे पिता के हत्याकांड मामले में 20 जून को आने वाला कोर्ट का फैसला मेरे लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है. फैसला आने के दो दिन बाद मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र जाकर मतदाताओं से चर्चा करूंगा और उसके बाद ही कोई निर्णय लूंगा."
सांसद संजय शिंदे के साथ, बेटी राजुल ठाकरे के साथ
एक तरफ कथित बागी सांसद संजय दीना पाटिल के उद्धव गुट छोड़कर एकनाथ शिंदे को समर्थन देने के लिए अपना नया गुट बनाने की तैयारी की बड़ी चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ, उनकी बेटी और UBT नगरसेविका राजुल पाटिल ने स्थापना दिवस का पोस्टर शेयर कर ठाकरे परिवार के प्रति अपनी वफादारी दिखाई!
अटकलों चर्चाओं के बीच बैनरों के ज़रिए भी संवाद शुरू है. उद्धव गुट सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर का आधिकारिक तौर पर शिंदे गुट में प्रवेश अभी नहीं हुआ है, लेकिन हिंगोली में शिंदे गुट और विधायक संतोष बांगर के समर्थकों ने उनके स्वागत में पोस्टर लगा दिए हैं.
बागी सांसद आज शिंदे गुट में नहीं होंगे शामिल
इस बीच यह जानकारी भी सामने आई है कि शिवसेना (उबाठा) के छह बागी सांसद शुक्रवार को पार्टी के 60वें स्थापना दिवस पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल नहीं होंगे. इनके शिवसेना में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को ये सांसद शिंदे नीत पार्टी में शामिल नहीं होंगे. पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों ने यह जानकारी दी है.

शिंदे के मंच पर दिखे बागी सांसद तो जा सकती है सदस्यता
अलग समूह को मान्यता मिलने से पहले किसी अन्य दल के मंच पर जाने के आधार पर उनकी सांसद सदस्यता अयोग्य घोषित की जा सकती है. सिर्फ विरोधी दल के मंच पर उपस्थित रहने के कारण ही वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव को सांसद पद के लिए अयोग्य ठहराया गया था. इसी वजह से ये सांसद इस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे.
बागी 6 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र ओम बिरला को सौंप दिया गया है, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय की ओर से बताया गया है कि अलग समूह के गठन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. बताया गया है कि सभी सांसदों की लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज होने के बाद ही आने वाले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी. कानूनी सलाहकार और विशेषज्ञों की राय पर शिंदे सेना हर कदम फूंक फूंक कर रखना चाहती है.
जय महाराष्ट्र!
— ShivSena - शिवसेना Uddhav Balasaheb Thackeray (@ShivSenaUBT_) June 19, 2026
कडवट निष्ठावंत शिवसैनिकांची निष्ठा जोपर्यंत जिवंत आहे,
तोपर्यंत शिवसेना प्रत्येकाच्या मनामनात चिरकाल राहणार! pic.twitter.com/qwPzATPyTB
हिंगोली में सांसद नागेश पाटिल के स्वागत में शिंदे गुट के बैनर
'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के हिंगोली लोकसभा सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर की शिंदे गुट में शामिल होने की ख़बरों के बीच उनके क्षेत्र में उन्हें शुभकामनाएं देते हुए बैनर लगाये गए हैं. उनका आधिकारिक तौर पर पार्टी में प्रवेश नहीं हुआ है, लेकिन हिंगोली शहर में उनके स्वागत के लिए बैनर लगा दिए गए हैं. शिवसेना समर्थकों ने शहर में जगह-जगह ये पोस्टर लगाए हैं, जिसमें लिखा है “हिंगोली जिले के विकास के लिए सही फैसला लेने पर हार्दिक अभिनंदन."
ठाकरे के वफादार सांसद पर हुई फूलों की बारिश!
बगावत के बीच ठाकरे के प्रति वफादारी दिखाने वाले सांसद राजाभाऊ वाजे का भव्य स्वागत किया गया है. दिल्ली से लौटते ही रेलवे स्टेशन पर हुए राजाभाऊ वाजे का भव्य स्वागत हुआ. उनपर फूलों की बारिश हुई. जिसे देखकर राजाभाऊ वाजे भावुक नजर आए. उन्होंने कहा, शाम के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होने मुंबई जाऊँगा. उन्होंने कहा, "साहब का फोन आया था, शाम 6 बजे स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए मैं मुंबई में मौजूद रहूंगा."
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