महाराष्ट्र में इन दिनों सियासी हलचल तेज हैं. उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद एकनाथ शिंदे की पार्टी में जा रहे हैं. इस सियासी हलचल पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि 50-50 करोड़ रुपये में जनप्रतिनिधि बिक रहे हैं, आत्मसम्मान की मौत हो चुकी है. यह किस्मत की बात है कि मेरी पार्टी के सांसद नहीं चुने गए, वरना वे भी शायद इसी तरह बिक जाते. बता दें कि उद्धव गुट के 6 सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट वाली पार्टी में विलय करने वाले हैं. जिससे महाराष्ट्र की राजनीति फिलहाल गर्मा गई है.
कोई सत्ता की 'अमर पेटी' लेकर नहीं आया: राज ठाकरे
राज ठाकरे ने कहा कि कोई भी सत्ता की अमर पेटी लेकर नहीं आया है. जो कांग्रेस 60 सालों तक सत्ता में रही उसका भी पतन हुआ. इसलिए मौजूदा सत्ताधीशों को भी यह समझना चाहिए कि वे भी हमेशा के लिए सत्ता में नहीं रहेंगे. जनगणना और वोटर लिस्ट के काम में गड़बड़ी हो रही है. सत्ताधारी दल के लोग अधिकारियों के साथ मिलकर उन लोगों के नाम कटवा रहे हैं जो उनके वोटर नहीं हैं. यूपी और बिहार के लोग अपने राज्यों के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी वोट डाल रहे हैं. कार्यकर्ताओं को आंखों में तेल डालकर पूरी सतर्कता के साथ राजनीति और वोटर लिस्ट पर नजर रखने की जरूरत है.
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मुद्दों को भटकाने की हो रही राजनीति
असली मुद्दों से भटकाने की राजनीति हो रही है. कुछ लोग जानबूझकर धार्मिक प्रतीकों जैसे जैन साधुओं द्वारा सफेद पट्टी और झंडे का विवाद का इस्तेमाल करके विवाद पैदा कर रहे हैं, ताकि जनता का ध्यान भटकाया जा सके और उन्हें उलझाकर रखा जा सके. देश में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं महाराष्ट्र में किसान और छात्र कर रहे हैं. इसके अलावा राज्य में सूखे का संकट है और NEET जैसे पेपर लीक हो रहे हैं. देश और राज्य मुफ्त की चीजें बांटने से नहीं चलते. सरकारें एक तरफ से जनता को 1 रुपया देती हैं और दूसरी तरफ से 100 रुपये वसूल लेती हैं.
राज ठाकरे का बीजेपी पर निशाना
राज ठाकरे ने इस दौरान बीजेपी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केंद्र में किसकी सत्ता है BJP की! और राज्य में भी BJP की! उद्धव शिवसेना के 6 सांसद बीजेपी में शामिल होने के बजाय शिंदे के पास क्यों गए?. बीजेपी के अंदर भारी कलह मची हुई है. फिलहाल सब कुछ सिर्फ नरेंद्र मोदी के कारण शांत है, अमित शाह 2029 के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं और विपक्ष का एक अलग गुट बनाने की तैयारी में जुटे हैं. राज ठाकरे कहा कि मेरा सपना एक बेहतर महाराष्ट्र बनाना है न कि सिर्फ सत्ता हथियाना, इसलिए आगामी राजनीतिक बदलावों के लिए सभी को मजबूती से तैयार रहना चाहिए. चुनाव अब एक बेहद प्रोफेशनल पेशेवर प्रक्रिया बन चुका है. सिर्फ आंदोलनों और लोगों से मिलने-जुलने से चुनाव नहीं जीते जा सकते, इसके लिए जमीनी स्तर पर रणनीतिक रूप से काम करना होगा.
इनपुट: जुई जाधव
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