- अमेरिका और ईरान की डील के बाद से इजरायल नाराज है और इसका असर ट्रंप और नेतन्याहू सरकार की तकरार में दिख रहा
- जेडी वेंस ने नेतन्याहू की कैबिनेट के सदस्यों से कहा कि वे हकीकत को समझें. अमेरिका के सिवा उनके साथ कोई नहीं
- बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ किया है कि वह लेबनान में कब्जा की गई जमीन से पीछे नहीं हटेंगे
अमेरिका की ईरान से जंग खत्म करने के लिए डील क्या हो गई, इजरायल से उसके रिश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. जिसके साथ मिलकर जंग लड़ा, अब उसी इजरायल को अमेरिका उसकी औकात दिखाने लगा है, साफ-साफ कहने लगा है कि हमारे सिवा तुम्हारे साथ कोई खड़ा नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब इजरालय को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने निशाने पर लिया है. जेडी वेंस ने गुरुवार, 18 जून को कहा कि इजरायल को दुनिया में बचे अपने इकलौते ताकतवर पार्टनर (यानी अमेरिका) को नाराज नहीं करना चाहिए. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बयान के बाद भी साफ कर दिया है कि इजरायल लेबनान पर कब्जा किए इलाके से पीछे नहीं हटेगा.
जेडी वेंस ने क्या कहा?
बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बढ़ते तनाव के बीच, वेंस ने नेतन्याहू की कैबिनेट के सदस्यों से कहा कि वे "हकीकत को समझें और जागें." व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए वेंस ने कहा, "इस समय पूरी दुनिया में डोनाल्ड ट्रंप ही ऐसे राष्ट्र प्रमुख हैं जो इजरायल को लेकर सहानुभूति रखते हैं. और संयोग से वही दुनिया की सबसे ताकतवर महाशक्ति के प्रमुख भी हैं."
अमेरिकी लोगों के पैसे से आपको हथियार मिला है... वेंस
वेंस ने कहा, "पिछले तीन महीनों में आपके देश की रक्षा करने वाले दो-तिहाई रक्षात्मक हथियार अमेरिकी लोगों ने बनाए हैं और उनका खर्च अमेरिकी करदाताओं ने उठाया है... इजरायल की समस्या डोनाल्ड ट्रंप नहीं हैं और इजरायल में जो लोग यह सोचते हैं कि उनकी सबसे बड़ी समस्या अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, उन्हें हकीकत समझनी चाहिए."
इसके अलावा गुरुवार को न्यूयॉर्क टाइम्स को छपे एक इंटरव्यू में वेंस ने सीधे इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच का नाम लिया. उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने इस अमेरिका-ईरान समझौते की आलोचना की है. वेंस ने कहा, "मेरा उनसे सवाल होगा कि आपके पास कौन सा समाधान है? आपका 90 लाख लोगों का देश हैं. आप अपनी हर राष्ट्रीय सुरक्षा समस्या का समाधान सिर्फ लोगों को मारकर नहीं कर सकते."
ट्रंप भी कर रहे इजरायल पर जुबानी हमला
खुद ट्रंप भी इजरायली हमलों में हो रही बड़ी संख्या में मौतों को लेकर लगातार आलोचनात्मक रुख अपनाते जा रहे हैं, खासकर लेबनान में हिजबुल्लाह संगठन के खिलाफ हमलों को लेकर. बुधवार को फ्रांस में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, "अगर दो ड्रोन रेगिस्तान में गिर जाते हैं और कोई नुकसान नहीं करते, तो आपको बेरूत में इमारतें गिराने की जरूरत नहीं है. वे इससे अच्छे तरीके से व्यवहार कर सकते हैं और सच कहूं तो वे इससे बेहतर काम कर सकते हैं."
गुरुवार को भी ट्रंप ने इजरायल और मिडिल ईस्ट के अन्य देशों से सीजफायर का पालन करने की अपील की. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हम सभी मोर्चों पर पूरी तरह सीजफायर की उम्मीद करते हैं, जिसमें लेबनान, हिजबुल्लाह और इजरायल शामिल हैं. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!"
नेतन्याहू बोले- हम पीछे नहीं हटेंगे
नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में बनाए अपने सुरक्षा क्षेत्र (कब्जा की गई जमीन) से पीछे नहीं हटेगा, भले ही अमेरिका-ईरान की डील में सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई खत्म करने की बात कही गई हो.
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