- UN में भारत की पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के बयानों पर जवाब दिया है.
- पेटल गहलोत ने कश्मीर से लेकर आतंकवाद तक हर मुद्दे पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है.
- पेटल गहलोत ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है, उसी पर चलेंगे.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में भारत को लेकर कई बयान दिए थे. जिसका जवाब भारत की तरफ से भी दे दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने जवाब देते हुए पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधा. उन्होंने कहा 'दोपहर में महासभा में पाकिस्तान के प्रतिनिधि की तरफ से कुछ अजीब तरह के बयान सुने गए थे. लेकिन पाकिस्तान रात में आतंकवाद और दिन में सुरक्षा की बात करता है. पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से टिप्पणी ऐसे समय में की गई है, जब न्यूयॉर्क शहर 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मना रहा है. इस घटना का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में सेना की अकेडमी के पास ही रुका हुआ था. जो देश खुद आतंकवाद का जन्मदाता और संरक्षक है, उसका संयुक्त राष्ट्र जैसे प्रतिष्ठित मंच से शांति और सुरक्षा पर ज्ञान देना हास्यास्पद है.
कश्मीर पर करारा जवाब
वहीं कश्मीर के मुद्दे पर भी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा भी. पाकिस्तान अगर इतने ही मानवाधिकारों की बात करना चाहता है तो उसे अपने अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानि पीओके की तरफ देखना चाहिए. जहां रावलकोट समेत आसपास के इलाकों में हर दिन पाकिस्तान की सेना आम लोगों पर क्रूर अत्याचार करती है, मनमानी हत्याएं और बुनियादी अधिकारों करती है. मानवाधिकारों की बात करने से पहले पाकिस्तान को इस तरफ भी थोड़ा देख लेना चाहिए.'
'ईशनिंदा कानून पर टिका पाक का तंत्र'
पाक पीएम शहबाज शरीफ की तरफ से अल्पसंख्यकों को लेकर दिए गए बयान पर भी पेटल गहलोत ने पाक को आडे़ हाथों लिया. उन्होंने कहा कि हमने जो बातें सुनीं, वे ऐसे लोगों की तरफ से आई हैं जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा इतिहास रहा है. वे दिन में सुरक्षा की बात करते हैं, लेकिन असल में रात में आतंकवाद फैलाते हैं. इस सभा में धार्मिक असहिष्णुता के बारे में ऐसी सरकार ने बातें कहीं. जिस देश का पूरा कानून और तंत्र ही ईशनिंदा कानून और उसकी कट्टरता पर टिका है. उस देश को धार्मिक सहिष्णुता पर बातें करने का कोई अधिकार नहीं है. दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई जैसे अल्पसंख्यकों के साथ क्या व्यवहार किया जाता है, किस तरह से उनके साथ अमानवीय और क्रूर व्यवहार होता है.
सेना चलाती है पाकिस्तान
पेटल गहलोत ने कहा हमने लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों के बारे में कुछ पाखंडपूर्ण बातें उस सरकार से सुनीं, जिसकी राजधानी में इस समय उसी के लोगों के खिलाफ किलेबंदी की जा रही है. मिस्टर प्रेसिडेंट ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि यह सरकार सेना की है, सेना की तरफ से और सेना के लिए है. उनके कठपुतली नेता आ-जा सकते हैं, लेकिन हमें इस बात को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि असल में फैसले कौन करता है. पाकिस्तान की असलियत उसके 27वें संशोधन और उसके असली शासक को मिली आजीवन छूट से साफ पता चलती है.
पाकिस्तान सरकार को बताया 'फॉर्म 47 सरकार'
यूएन में पेटल गहलोत ने शहबाज शरीफ सरकार पर ही सीधा निशाना साधा. उन्होंने कहा 'पाकिस्तान की सरकार को वहां की जनता खुद 'फॉर्म 47 सरकार' कहती है, जिसके सारे फैसले और कूटनीति सेना के इशारों पर तय होती है.उन्होंने साफ कहा कि ऐसी सरकार से किसी भी कूटनीतिक परिपक्वता की उम्मीद नहीं की जा सकती. दरअसल, पाकिस्तान में फॉर्म 47 वहां के चुनाव आयोग का एक आधिकारिक दस्तावेज है. जिसका इस्तेमाल किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों को दर्ज करने के लिए होता है. 2024 के आम चुनावों को लेकर पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी और अन्य नेताओं का आरोप है कि फॉर्म 47 में दर्ज वोटों की संख्या फॉर्म 45 से मेल नहीं खाती है. जिससे यह तय है कि वोटों में हेरफेर किया गया है.
पूरी दुनिया ने सच देखा है: पेटल गहलोत
यूएन में पाक पीएम शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में हाल के सैन्य संघर्षों का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की जीत बताया था. इस पर भी पेटल गहलोत ने करारा जवाब देते हुए कहा 'पूरी दुनिया के सामने सैटेलाइट तस्वीरें और सबूत मौजूद हैं कि भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस तबाह हो गए थे. गहलोत ने तीखे लहजे में कहा अगर तबाह हो चुके रनवे और जले हुए हैंगर पाकिस्तान को अपनी जीत लगते हैं, तो पाकिस्तान इस काल्पनिक जीत का आनंद लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है. उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान की सेना ने खुद गिड़गिड़ाते हुए युद्धविराम यानि सीजफायर की मांग की थी. यह दुनिया को पता है.'
पटेल गहलोत ने अपने भाषण के आखिर में कहा 'भारत आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे कभी नहीं झुकने वाला है. पाकिस्तान खुद अपनी धरती पर आतंकी कैंपों को चलाता है, पहले उसे उन कैंपों को बंद करना चाहिए. आतंकवाद के खिलाफ भारत की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है, ऐसे में सीमा पार होने वाली हर हरकतों का अंजाम पाकिस्तान को भुगतना होगा.
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