- पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों और तैयारियों में व्यस्त हैं.
- कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि उन्होंने पंजाब की राजनीति में साठ साल बिताए लेकिन उनसे पूछताछ नहीं की जाती.
- पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने का विचार फिलहाल नहीं कर रहे हैं.
कुछ महीनों बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव होना है. इसे लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. पंजाब में इस समय आम आदमी पार्टी की सरकार है. दूसरी ओर कांग्रेस है. जबकि तीसरी ओर भाजपा और अकाली दल है. सभी दलों के नेता अपनी रणनीतियां बनाने में जुटे हैं. इस बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर का एक बयान सामने आया है. सालों तक कांग्रेस के लिए राजनीति करने वाले कैप्टन अमरिंदर अब बीजेपी में हैं. लेकिन उनके बयान से ऐसा लग रहा है कि बीजेपी में उन्हें पर्याप्त तवज्जो नहीं मिल रही है. कैप्टन अमरिंदर ने अपने बयान में कहा कि मैंने पंजाब की राजनीति में 60 साल बिताए हैं. लेकिन अब हमसे पूछते तक नहीं.
'मैंने पंजाब की राजनीति में 60 साल बिताए, लेकिन हमसे पूछा तक नहीं'
दिल्ली में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के चुनावों पर कहा, "मैंने पंजाब की राजनीति में 60 साल बिताए हैं. मैं अकेला नहीं हूं; मेरे साथ और भी साथी हैं. हमने इतने सालों में पंजाब के हालात देखे हैं, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्होंने हमसे पूछा तक नहीं. हम यहीं के रहने वाले हैं और उन्हें अपने विचार और भावनाएं बताना मेरा फर्ज है.'
VIDEO | Delhi: Former Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh on Punjab elections, says, "I have spent 60 years in Punjab politics. I am not alone; there are other colleagues with me. We have seen the situation in Punjab over all these years, but at one point, they did not… pic.twitter.com/vXhQMQfgm3
— Press Trust of India (@PTI_News) September 25, 2026
'दूसरी पार्टी में शामिल होने का विचार नहीं'
कैप्टन अमरिंदर ने आगे कहा कि मैंने यह नहीं कहा है कि कांग्रेस या बीजेपी में मेरी कोई अहमियत नहीं रही. पार्टियां बदलती रहती हैं. जब मैं कांग्रेस में था, तब ऑपरेशन ब्लू स्टार की वजह से अकाली दल में भी गया था और बाद में कांग्रेस में लौट आया था. इसका मतलब यह नहीं है कि अब मैं पार्टी छोड़कर किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो जाऊंगा.
पंजाब में दो बार मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर
मालूम हो कि कैप्टन अमरिंदर 2002 से 2007 और फिर 2017 से 2021 तक पंजाब के मुख्यमंत्री थे. 'पंजाब दा कैप्टन' के नाम से उनकी राजनीतिक पहचान रही है. लेकिन 4 साल पहले कैप्टन कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले आए थे. अब उनका यह कहना है कि कोई हमसे पूछता नहीं, भाजपा से नाराजगी की ओर से इशारा करता है.
हालांकि बीजेपी से नाराजगी के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कांग्रेस में लौटने की फिलहाल कोई योजना नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि चुनाव लड़ने के उनके दिन अब लगभग खत्म हो चुके हैं.
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