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UNGA के मंच से ट्रंप का गुणगान, भारत के खिलाफ बयान; पाकिस्तानी PM बोले- पानी रोकने की कोशिश को 'युद्ध' मानेंगे

संयुक्त राष्ट्र महासभा में शहबाज शरीफ ने भारत-पाक तनाव, ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान का पक्ष रखा. उन्होंने ट्रंप के हस्तक्षेप की सराहना की और पानी के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी.

UNGA के मंच से ट्रंप का गुणगान, भारत के खिलाफ बयान; पाकिस्तानी PM बोले- पानी रोकने की कोशिश को 'युद्ध' मानेंगे
शहबाज शरीफ का भारत पर निशाना, सिंधु जल संधि पर दी 'युद्ध' की चेतावनी
ANI
  • UNGA में शहबाज शरीफ का बड़ा बयान, भारत और सिंधु जल संधि का उठाया मुद्दा
  • पाकिस्तान PM बोले- ट्रंप के हस्तक्षेप ने भारत-पाक तनाव बढ़ने से रोका
  • सिंधु नदी के पानी पर शहबाज शरीफ की कड़ी चेतावनी
न्यूयॉर्क:

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत से जुड़े कई मुद्दों को उठाते हुए पाकिस्तान का पक्ष रखा. उन्होंने मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय दोनों परमाणु संपन्न देश बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़े थे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय पर हस्तक्षेप से हालात और नहीं बिगड़े. इसके साथ ही उन्होंने सिंधु जल संधि को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया और पाकिस्तान के हिस्से के पानी में किसी भी तरह की बाधा को युद्ध जैसी कार्रवाई बताया.

मई 2025 के सैन्य तनाव का किया जिक्र

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक UNGA में संबोधन के दौरान शहबाज शरीफ ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के सैन्य तनाव का उल्लेख किया. यह तनाव पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पैदा हुआ था. शरीफ ने कहा कि उस समय पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया था. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने पेशेवर ढंग से जवाब दिया और देश की सुरक्षा सुनिश्चित की.

ट्रंप की सराहना

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस समय हस्तक्षेप किया, जब दोनों देश पूर्ण युद्ध की स्थिति के करीब पहुंच गए थे.

उन्होंने कहा कि ट्रंप का हस्तक्षेप ऐसे समय आया, जब हालात बेहद संवेदनशील थे और यदि ऐसा नहीं होता तो क्षेत्र में भारी तबाही हो सकती थी. शरीफ ने कहा कि दक्षिण एशिया को भविष्य में फिर कभी ऐसी स्थिति तक नहीं पहुंचना चाहिए.

हालांकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत के जरिए हुआ था और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी.

सिंधु जल संधि पर भारत को चेतावनी

अपने भाषण में शरीफ ने सिंधु जल संधि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि सिंधु नदी प्रणाली का साझा जल केवल पाकिस्तान ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है. उनके अनुसार, भारत द्वारा संधि को स्थगित रखने का फैसला किसी कानूनी आधार पर नहीं टिका है. शरीफ ने दावा किया कि इस मामले में पाकिस्तान का रुख सही साबित हुआ है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसके तर्कों को समर्थन मिला है.

पानी को हथियार नहीं बनाने की अपील

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पानी को कभी हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि नदियों का उद्देश्य देशों को पोषण देना और विकास में योगदान करना है, न कि विभाजन पैदा करना. शरीफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, उसमें बाधा डालने या उसका रुख मोड़ने की किसी भी कोशिश को "युद्ध की कार्रवाई" माना जाएगा.

सिंधु जल संधि का महत्व

भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि 19 सितंबर 1960 को हस्ताक्षरित हुई थी. यह संधि सिंधु नदी प्रणाली की नदियों के जल बंटवारे को नियंत्रित करती है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था.

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