Bank Strike से पहले 5-Day Banking को लेकर सरकार और बैंक यूनियनों के बीच खींचतान बढ़ गई और नतीजा सामने है- तीन दिन की हड़ताल. बैंक यूनियनों का दावा है कि हफ्ते में 5 दिन बैंकिंग और सभी शनिवार छुट्टी देने की मांग पर पहले ही सहमति बन चुकी है. वहीं, वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने इस दावे को खारिज किया है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने बैंक यूनियनों को 5-Day Banking लागू करने का कोई आश्वासन कभी नहीं दिया था और इस मुद्दे पर अंतिम सहमति बनी ही नहीं थी.
इस बीच 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए सरकार ने 27 सितंबर, रविवार को सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को खोलने का फैसला किया है.
5-Day Banking पर कहां फंसा मामला?
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में हफ्ते में 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है. इसके अलावा यूनियनें परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI योजना को वापस लेने की भी मांग कर रही हैं.
बैंक यूनियनों का कहना है कि 5-Day Banking को लेकर सरकार के साथ पहले ही सहमति बन चुकी थी. हालांकि, वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2022 में सरकार की तरफ से ऐसा कोई वादा या अंतिम आश्वासन नहीं दिया गया था.
यानी विवाद इस बात को लेकर है कि 5-Day Banking पर बनी सहमति को किस स्तर की सहमति माना जाए.
मार्च 2024 में IBA और यूनियनों के बीच हुआ था समझौता?
मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी IBA और बैंक यूनियनों के बीच वेतन संशोधन समझौते के दौरान हफ्ते में 5 दिन काम और सभी शनिवार को छुट्टी देने के मुद्दे पर सहमति बनी थी.
हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने के लिए वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी और अधिसूचना जरूरी है. यही प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है.
इस वजह से बैंक यूनियनों का कहना है कि सरकार को पहले से बनी सहमति के मुताबिक 5-Day Banking लागू करना चाहिए, जबकि सरकार का पक्ष है कि अंतिम मंजूरी और अधिसूचना के बिना इसे लागू करने का फैसला नहीं हुआ था.
वित्त मंत्रालय ने दावों को नकारा
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के उन दावों को गलत करार दिया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार ने 2022 में ही पांच-दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने से जुड़ी उनकी मांग को मान लिया था. ऐसे आश्वासन सरकार की तरफ से बैंक यूनियन के प्रतिनिधियों को कभी नहीं दिया गया.
PLI पर फिलहाल राहत
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों की परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI योजना को लेकर उठाई गई चिंताओं के बीच सरकार ने फिलहाल इसे टाल दिया है.
इसके बावजूद 5-Day Banking समेत अन्य मांगों को लेकर बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से जुड़े संगठन भी इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं.
27 सितंबर को खुलेंगे सरकारी बैंक
सरकार के फैसले के मुताबिक, 27 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी इस दिन बैंक शाखाओं, दफ्तरों, ATM से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट को चालू रखने की मंजूरी दी है.
इसका मकसद 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले असर को कम करना है.
ये भी पढ़ें:
UPI Charge का एक भी पैसा, सरकारी खजाने में नहीं जाएगा, जानिए आपकी फीस से किसकी होगी कमाई?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं