Israel-Gaza war: गाजा में फिलिस्तीनी बचाव कार्यकर्ता इब्राहिम हमदान इजराइली हवाई हमलों से खुद को बचाते हुए शनिवार से लगभग लगातार ड्यूटी कर रहे हैं. हमलों में पैरामेडिक्स भी मारे गए हैं, जबकि उनकी टीम छोटे से इलाके में लगातार हो रही बमबारी से नष्ट हुए घरों से जीवित बचे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही है.
समाचार एजेंसी रॉयटर की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल की सेना का कहना है कि गाजा पर इजराइल की बमबारी शनिवार को उस समय शुरू हुई जब इलाके पर शासन करने वाले आतंकवादी समूह हमास की सशस्त्र विंग ने इजराइली शहरों में सैकड़ों लड़ाकों को भेजने के लिए बैरियर तोड़ दिया. हमलों में बच्चों सहित 1200 सैनिक और नागरिक मारे गए हैं.
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यह इजराइल की ओर से गाजा पर अब तक की गई सबसे भीषण बमबारी है.गाजा पट्टी केवल 40 किलोमीटर (25 मील) लंबी है और इस इलाके में 23 लाख लोगों के घर हैं. यह लोग घने शहरों और शरणार्थी शिविरों में रहते हैं. यहां कुछ शेल्टर हैं और भागने के लिए कहीं और कोई जगह नहीं है.
गाजा में बहुत सारी इमारतें नष्ट हो गई हैं, जिनमें कई में नागरिक रहते थे. बचाव कर्मियों को बमबारी की चपेट में आने वाले नए स्थलों तक जल्दी पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. हमदान ने कहा कि वह एक दिन में लगभग 10 कॉल अटेंड कर रहा था.
गाजा के स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि हवाई हमलों के विस्फोट की आवाज कुछ मिनटों के अंतर से गूंजती रहती है. गाजा में अब तक सैकड़ों बच्चों सहित 1500 से अधिक लोग मारे गए हैं.
बम विस्फोटों के कारण सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं और मलबा फैल गया है जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है.प्रारंभिक बचाव कार्य के लिए अक्सर जीवित बचे लोगों की तलाश में या शवों को निकालने की उम्मीद में उनके पड़ोसी मलबे के टुकड़े निकालते हैं.
वहां पर खुदाई करने के लिए मशीनों और बुलडोजरों जैसी जरूरी मशीनरी का अभाव है जिसके चलते बचावकर्मी मलबा हटाने के लिए फावड़ों या हाथ से इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य उपकरणों पर ही निर्भर रहते हैं.
तीव्र भावनात्मक आघातबचाव कर्मी 39 वर्षीय हमदान के बाएं हाथ और कलाई पर पट्टी बंधी है. वह बुधवार को बचाव के प्रयास के दौरान मलबा गिरने से घायल हो गया था. उस समय वह दक्षिण गाजा शहर में अपने घर के खंडहर में मृत दो लड़कियों के शवों को बाहर निकाल रहा था.वह शहर के खान यूनिस में 12 अन्य सरकारी बचाव कर्मियों की टीम के साथ रहता है.
उसने कहा, "मैं अपनी चार बेटियों के बारे में सोचना बंद नहीं कर सका." उसने कहा कि जो चीज उसे जीवित रखे है वह है और अधिक जीवित बचे लोगों को ढूंढने की आशा.
दो अलग-अलग घटनाओं में बुधवार को एम्बुलेंसों को टक्कर मारने से चार फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट आपातकालीन चिकित्सा कर्मचारियों की मौत हो गई. फ़िलिस्तीन रेड क्रिसेंट द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में दिख रहा है कि उनके सहकर्मी सिसकते हुए कांपते हुए एक-दूसरे से चिपके हुए हैं.
उसने कहा, शनिवार को खान यूनिस में एक हवाई हमले में उनकी एम्बुलेंस की खिड़कियां उड़ गईं, जिससे हमदान की अपनी टीम के दो सदस्य घायल हो गए. दोनों को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं.
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