- एलन मस्क ने ट्विटर खरीद से जुड़े क्लास-एक्शन केस में छोटा जुर्माना देकर मामले को खत्म करने पर सहमति जताई है
- मस्क के ट्रस्ट ने 1.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना देने और भविष्य में नियमों का पालन करने का वादा किया है
- मस्क पर आरोप था कि उन्होंने ट्विटर शेयर खरीदने की जानकारी देरी से देकर 150 मिलियन डॉलर का फायदा कमाया था
Elon Musk and Twitter Takeover Controversy: दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क को ट्विटर (अब X) कंपनी की खरीद से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में एक बड़ी राहत मिली है. सोमवार को एलन मस्क इस बात पर सहमत हो गए कि वे एक छोटा जुर्माना देंगे, ताकि ट्रंप सरकार की एजेंसी की तरफ से दायर यह केस ही खत्म हो जाए. दरअसल ट्विटर के पूर्व निवेशकों (इन्वेस्टर) ने एलन मस्क पर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने सोशल मीडिया कंपनी में अपने शुरुआती निवेश की जानकारी देने में बहुत देर करके उन्हें धोखा दिया. बीते 31 मार्च को ही अमेरिका के एक फेडरल जज ने इस मामले को क्लास-एक्शन मुकदमे के रूप में आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी थी. लेकिन अब मस्क के लिए गुड न्यूज है.
इस समझौते के तहत मस्क का ट्रस्ट 15 लाख डॉलर (करीब 14.3 करोड़ रुपए) का जुर्माना देगा. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार यह समझौता वॉशिंगटन की एक फेडरल कोर्ट में दाखिल किया गया है और अभी जज की मंजूरी बाकी है. मस्क के वकील एलेक्स स्पाइरो ने कहा कि यह फैसला उनके पक्ष में है. उन्होंने कहा कि “अब मस्क को ट्विटर खरीद के दौरान फॉर्म देर से भरने के मामले में पूरी तरह क्लीन चिट मिल गई है, जैसा हमने शुरू से कहा था.”
क्या है पूरा मामला?
यह मामला एक आसान नियम पर आधारित था: अगर कोई निवेशक किसी कंपनी के 5% से ज्यादा शेयर खरीदता है, तो उसे 10 दिनों के अंदर इसकी जानकारी देनी होती है. एलन मस्क पर इसी नियम को नहीं मानने का आरोप है. अमेरिका की मार्केट रेगुलेटर एजेंसी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने जनवरी 2025 में कहा था कि मस्क ने यह जानकारी देने में 11 दिन की देरी की थी, जब वे 2022 में ट्विटर के शेयर खरीद रहे थे.
एसईसी के अनुसार, इस देरी की वजह से मस्क सस्ते दाम पर और शेयर खरीद पाए, जिससे उन्होंने लगभग 150 मिलियन डॉलर (करीब 1439 करोड़ रुपए) बचाए. वहीं, दूसरे शेयर बेचने वालों को यह जानकारी नहीं थी कि क्या हो रहा है. इन आरोपों के बावजूद, इस समझौते में मस्क को यह पैसा वापस करने की जरूरत नहीं है. उनके ट्रस्ट ने सिर्फ 1.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना देने और आगे ऐसा नियम न तोड़ने का वादा किया है- बिना यह माने कि उन्होंने कुछ गलत किया. कुल मिलाकर मस्क फायदे में दिख रहे हैं.
यह जुर्माना कैलिफोर्निया में चल रहे एक दूसरे केस के बाद आया है, जहां मार्च में जूरी ने माना कि मस्क ने 2022 में ट्विटर खरीद के दौरान अपने पोस्ट से निवेशकों को गुमराह किया था. उस केस में नुकसान करीब 2 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, हालांकि मस्क के वकीलों ने कहा है कि वे अपील करेंगे. यह दूसरी बार है जब मस्क ने एसईसी के साथ मामला सुलझाया है. 2018 में उन्होंने 20 मिलियन डॉलर का जुर्माना दिया था और टेस्ला के चेयरमैन पद से हटना पड़ा था. तब उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि उनके पास कंपनी को प्राइवेट करने के लिए फंडिंग है, लेकिन ऐसा कभी हुआ नहीं.
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